स्वतंत्रता दिवस पर जनपद सदस्य रामलाल नेताम ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं, राष्ट्र निर्माण में एकजुट होकर योगदान देने का किया आह्वान
कोंडागांव। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जनपद सदस्य माकड़ी, जिला कोंडागांव, छत्तीसगढ़ रामलाल नेताम ने समस्त देशवासियों, प्रदेशवासियों एवं क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस भारत के गौरव, संघर्ष, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों को नमन करने का अवसर देता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
रामलाल नेताम ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। आज हम जिस स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का अद्वितीय योगदान है। उनके त्याग और समर्पण को देश कभी भुला नहीं सकता।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि आजादी केवल हमारा अधिकार नहीं, बल्कि इसके साथ देश के प्रति हमारी जिम्मेदारियां भी जुड़ी हुई हैं। प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को मजबूत करने के लिए अपने स्तर पर सकारात्मक योगदान देना चाहिए।
देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने का संदेश
जनपद सदस्य रामलाल नेताम ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। यहां अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और जीवनशैलियां होने के बावजूद हम सभी एक राष्ट्र के रूप में एकजुट हैं। यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा कि हमें जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और एकता को मजबूत करके ही हम देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। किसान, मजदूर, जवान, शिक्षक, चिकित्सक, विद्यार्थी, व्यापारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि—सभी अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी और जिम्मेदारी से कार्य करके राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में आगे आने की अपील
रामलाल नेताम ने देश के युवाओं को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। आज देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, खेल, विज्ञान, तकनीक और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक दिशा में करें और समाज में नई सोच एवं नई संभावनाओं का निर्माण करें।
उन्होंने कहा कि एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनना होगा। उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी समझना होगा।
शिक्षा को बताया विकास की मजबूत नींव
जनपद सदस्य रामलाल नेताम ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव शिक्षा होती है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें उचित शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें और बेटियों को भी समान अवसर प्रदान करें। उन्होंने कहा कि शिक्षित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
आदिवासी समाज के योगदान को किया याद
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रामलाल नेताम ने देश की आजादी के आंदोलन में आदिवासी समाज के वीर योद्धाओं और जननायकों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के अनेक वीरों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपरा हमेशा से साहस, स्वाभिमान और संघर्ष की प्रतीक रही है। हमें अपने वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों की गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए, ताकि युवा उनसे प्रेरणा लेकर देश और समाज के लिए बेहतर कार्य कर सकें।
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर जोर
रामलाल नेताम ने कहा कि देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब गांव और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को मिलकर अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम करना चाहिए। विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही समावेशी विकास का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि माकड़ी क्षेत्र सहित कोंडागांव जिले के ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में विकास की संभावनाओं को और मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। क्षेत्र के लोगों की सहभागिता से ही विकास कार्यों को नई गति मिल सकती है।
पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी लोगों को जागरूक होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन हमारी अमूल्य धरोहर हैं। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण करने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।
स्वच्छ, समृद्ध और विकसित भारत का संकल्प
रामलाल नेताम ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने देश की उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ-साथ भविष्य के लिए नए संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। हमें ऐसा भारत बनाना है, जो आत्मनिर्भर, विकसित, शिक्षित, स्वच्छ और मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल बड़े शहरों से नहीं, बल्कि गांवों और छोटे कस्बों के विकास से भी तय होती है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और राष्ट्रहित में अपना योगदान देने का संकल्प लें।
अंत में रामलाल नेताम, जनपद सदस्य माकड़ी, जिला कोंडागांव, छत्तीसगढ़ ने समस्त देशवासियों को 79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आइए, हम सभी मिलकर अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि देश हमारा गौरव है, तिरंगा हमारी शान है और राष्ट्र की सेवा हमारा परम कर्तव्य है।
जय हिंद! जय भारत! वंदे मातरम्!
