*डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे ने रचा इतिहास, AIIMS दिल्ली से M.Ch. डिस्टिंक्शन के साथ हासिल कर बढ़ाया समाज का मान*



नई दिल्ली / मुंबई।

समाज और देश के लिए गर्व का क्षण तब आया जब युवा सर्जन डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे ने देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान All India Institute of Medical Sciences (AIIMS New Delhi) से M.Ch. Minimal Access Surgery – Robotic & Advanced Laparoscopic Surgery की सर्वोच्च सुपर स्पेशलाइजेशन डिग्री डिस्टिंक्शन के साथ प्राप्त कर एक नई उपलब्धि हासिल की।










भारत मंडपम में आयोजित AIIMS दिल्ली के 51वें दीक्षांत समारोह में डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे को यह उपाधि प्रदान की गई। इस भव्य समारोह में देश के माननीय उपराष्ट्रपति K. Radhakrishnan तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। देशभर के प्रतिभाशाली डॉक्टरों और विशेषज्ञों के बीच डॉ. उत्कर्ष की उपलब्धि विशेष आकर्षण का केंद्र रही।


चिकित्सा जगत में सुपर स्पेशलाइजेशन की पढ़ाई अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। विशेष रूप से M.Ch. जैसी उच्च डिग्री में किसी प्रकार का आरक्षण नहीं होता, ऐसे में डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल कर पूरे समाज का गौरव बढ़ाया है।


डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे ने अपनी प्रारंभिक चिकित्सा शिक्षा Maulana Azad Medical College (MAMC), दिल्ली से MBBS के रूप में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने AIIMS नई दिल्ली से MS तथा फिर M.Ch. की उच्च शिक्षा पूरी की। वर्तमान समय की सबसे आधुनिक और अत्याधुनिक तकनीक रोबोटिक एवं एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में उन्हें विशेष महारत हासिल है।


आज चिकित्सा विज्ञान में रोबोटिक सर्जरी को भविष्य की तकनीक माना जा रहा है, जिसमें कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेज रिकवरी के साथ जटिल ऑपरेशन किए जाते हैं। इस क्षेत्र में डॉ. उत्कर्ष की विशेषज्ञता उन्हें देश के चुनिंदा युवा सर्जनों की श्रेणी में खड़ा करती है।


वर्तमान में डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे मुंबई स्थित प्रसिद्ध Bombay Hospital में Robotic Advanced Laparoscopic GI and General Surgery Department में Consultant Head के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बिरला ग्रुप द्वारा निर्मित यह अस्पताल देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में गिना जाता है, जहां देश-विदेश से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इतनी कम उम्र में इतने बड़े पद पर कार्य करना उनकी प्रतिभा और क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है।


धाबर्डे परिवार ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय बहुजन महापुरुषों के विचारों, महाकारुणिक तथागत Gautama Buddha के धम्म मार्ग तथा भारत रत्न B. R. Ambedkar के संघर्ष, शिक्षा और मार्गदर्शन को समर्पित किया है। परिवार का कहना है कि शिक्षा और संघर्ष ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है।


डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे की इस सफलता से समाज में खुशी और गर्व का माहौल है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, चिकित्सकों और युवाओं ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर कोई भी युवा देश-दुनिया में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सकता है।


डॉ. उत्कर्ष धाबर्डे की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा, सम्मान और गौरव का प्रतीक बन चुकी है।