कनक मेलोडी ग्रुप की सुरमयी शाम में गूंजे सदाबहार नगमे, छत्तीसगढ़िया कलाकार अमित कुमार का हुआ सम्मान लखीराम ऑडिटोरियम में सजी संगीत की यादगार महफिल, महान गायकों को समर्पित रहा विशेष ट्रिब्यूट कार्यक्रम

 बिलासपुर, 22 अगस्त 2026। शहर के लखीराम ऑडिटोरियम में शनिवार की शाम संगीत प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। कनक मेलोडी ग्रुप द्वारा आयोजित “TRIBUTE TO THE LEGENDARY SINGERS” कार्यक्रम में सदाबहार हिंदी फिल्मी गीतों ने समां बांध दिया। महान और दिग्गज गायकों को समर्पित इस विशेष संगीतमय कार्यक्रम में लाइव ऑर्केस्ट्रा के साथ प्रस्तुतियों ने दर्शकों को स्वर्णिम संगीत युग की यादों में पहुंचा दिया।















शाम 6:30 बजे से शुरू हुआ यह आयोजन देर रात तक संगीत प्रेमियों को बांधे रहा। कार्यक्रम के दौरान मंच से जब पुराने दौर के लोकप्रिय नगमे गूंजे तो ऑडिटोरियम में मौजूद दर्शक गीतों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ते नजर आए। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय फिल्म संगीत के उस स्वर्णिम दौर को याद करना और उन महान गायकों को श्रद्धांजलि देना रहा, जिन्होंने अपनी आवाज और गायकी के माध्यम से कई पीढ़ियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।


महान गायकों के सदाबहार गीतों ने बांधा समां


कार्यक्रम में लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, मुकेश, आशा भोसले और सुमन कल्याणपुर जैसे महान गायकों को उनके लोकप्रिय गीतों के माध्यम से याद किया गया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए इन दिग्गज आवाजों की यादों को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया।


संगीत की एक के बाद एक प्रस्तुतियों के बीच दर्शक कभी पुराने गीतों की यादों में खोते नजर आए तो कभी तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते दिखाई दिए। लाइव ऑर्केस्ट्रा ने कार्यक्रम की प्रस्तुतियों में चार चांद लगा दिए। वाद्य यंत्रों की लाइव संगत और गायकों की प्रस्तुतियों ने पूरे ऑडिटोरियम को संगीतमय वातावरण से भर दिया।


कनक मेलोडी ग्रुप की विशेष पहल बनी आकर्षण


कनक मेलोडी ग्रुप द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत को याद करने की एक खूबसूरत पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि पुराने दौर के गीत आज भी लोगों के दिलों में उसी तरह बसे हुए हैं।


आयोजकों की पहल ने नई और पुरानी पीढ़ी को एक मंच पर संगीत से जोड़ने का काम किया। पुराने सदाबहार गीतों के साथ दर्शकों ने अपनी पुरानी यादों को फिर से महसूस किया और संगीत की उस विरासत का आनंद लिया, जो आज भी समय की सीमाओं से परे लोगों के दिलों में जीवित है।


भाटापारा के चर्चित छत्तीसगढ़िया कलाकार अमित कुमार का सम्मान


कार्यक्रम के दौरान भाटापारा के मशहूर छत्तीसगढ़िया कलाकार अमित कुमार का विशेष सम्मान भी किया गया। उनकी कला और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए कनक मेलोडी ग्रुप की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया।


इस अवसर पर योग आनंद साहू एवं कनक मेलोडी ग्रुप द्वारा अमित कुमार का सम्मान किया गया। मंच पर सम्मानित किए जाने का यह क्षण कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। सम्मान के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ अमित कुमार का उत्साहवर्धन किया।


अमित कुमार को सम्मानित किए जाने से कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की स्थानीय कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय महान गायकों को समर्पित कार्यक्रम के बीच छत्तीसगढ़िया कलाकार को सम्मान मिलना स्थानीय कलाकारों के प्रति सम्मान और प्रोत्साहन की भावना को भी दर्शाता है।


कला और कलाकारों को सम्मान देने की जरूरत


कार्यक्रम में कलाकारों को सम्मान देने की परंपरा को भी प्रमुखता मिली। कनक मेलोडी ग्रुप का यह प्रयास इस मायने में महत्वपूर्ण रहा कि जहां एक ओर देश के महान गायकों के गीतों को मंच पर श्रद्धांजलि दी गई, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रतिभाओं को भी सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।


आज के बदलते दौर में जब संगीत की शैली तेजी से बदल रही है, ऐसे आयोजन पुरानी संगीत विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुराने गीतों की मधुरता, शब्दों की गहराई और गायकों की आवाज की मिठास आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यही वजह रही कि लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित यह कार्यक्रम संगीत प्रेमियों के लिए खास बन गया।


लाइव ऑर्केस्ट्रा ने बढ़ाई कार्यक्रम की भव्यता


कार्यक्रम का एक बड़ा आकर्षण लाइव ऑर्केस्ट्रा रहा। मंच पर संगीतकारों की लाइव प्रस्तुति के साथ जब सदाबहार नगमों की धुनें गूंजीं तो पूरे ऑडिटोरियम का माहौल जीवंत हो उठा। लाइव म्यूजिक की ऊर्जा और गायकों की आवाज ने कार्यक्रम को एक अलग ही ऊंचाई दी।


दर्शकों ने कार्यक्रम की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और कलाकारों का तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। संगीत, सुर, वाद्य यंत्र और शानदार प्रस्तुतियों के संगम ने इस शाम को यादगार बना दिया।


बिलासपुर के सांस्कृतिक मंच पर यादगार शाम


कनक मेलोडी ग्रुप का यह आयोजन बिलासपुर के सांस्कृतिक और संगीतमय आयोजनों की श्रृंखला में एक खास कार्यक्रम के रूप में सामने आया। पांच घंटे तक चली इस संगीतमय शाम में दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ भारतीय फिल्म संगीत की गौरवशाली परंपरा से जुड़ने का अवसर मिला।


कार्यक्रम के समापन तक ऑडिटोरियम में संगीत की गूंज बनी रही। महान गायकों के गीतों को समर्पित इस शाम ने एक बार फिर साबित किया कि अच्छा संगीत कभी पुराना नहीं होता। समय बदलता है, पीढ़ियां बदलती हैं, लेकिन दिल को छू लेने वाले सुर और सदाबहार नगमे हमेशा लोगों की यादों में जीवित रहते हैं।


कनक मेलोडी ग्रुप द्वारा आयोजित “TRIBUTE TO THE LEGENDARY SINGERS” कार्यक्रम इसी अमर संगीत विरासत को समर्पित एक खूबसूरत शाम रही। वहीं भाटापारा के छत्तीसगढ़िया कलाकार अमित कुमार के सम्मान ने इस आयोजन को स्थानीय कला और कलाकारों के सम्मान से भी जोड़ दिया।


बिलासपुर की इस सुरमयी शाम में महान गायकों की यादें, सदाबहार नगमे, लाइव ऑर्केस्ट्रा और कलाकारों का सम्मान—इन सभी ने मिलकर कार्यक्रम को एक यादगार संगीतमय अनुभव बना दिया।