रक्षाबंधन पर सेवा भारती मातृ छाया अनाथ आश्रम में श्री संस्कार फाउंडेशन ने बांटी खुशियां

 



बिलासपुर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और आत्मीयता के पर्व को सार्थक बनाते हुए श्री संस्कार फाउंडेशन की टीम ने बिलासपुर स्थित सेवा भारती मातृ छाया अनाथ आश्रम पहुंचकर बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान फाउंडेशन की ओर से आश्रम में रहने वाले बच्चों को राखी, मिठाई, चॉकलेट, केक एवं फल वितरित किए गए। बच्चों के बीच पहुंचकर फाउंडेशन की टीम ने उनके साथ समय बिताया और त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस पहल से आश्रम का वातावरण भी उत्साह और आत्मीयता से भर गया।


कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया। रक्षाबंधन के अवसर पर जब उन्हें राखी, मिठाई, चॉकलेट, केक और फल दिए गए तो बच्चों ने भी बेहद उत्साह के साथ इस प्रेम और अपनत्व को स्वीकार किया। श्री संस्कार फाउंडेशन की इस पहल का उद्देश्य केवल सामग्री वितरित करना ही नहीं, बल्कि उन बच्चों के साथ प्रेम, स्नेह और परिवार जैसी आत्मीयता का एहसास साझा करना भी रहा।


इस अवसर पर श्री संस्कार फाउंडेशन की अध्यक्ष सोनिया साहू ने कहा कि आश्रम में आकर उन्हें जो सुकून और आत्मीय खुशी मिली, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर मानते हैं कि परिवार केवल खून के रिश्तों से बनता है, लेकिन यहां आकर उन्हें महसूस हुआ कि परिवार की असली पहचान आपसी प्यार, स्नेह, दुलार और अपनत्व से होती है। आश्रम में मौजूद सभी बच्चे इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं।


सोनिया साहू ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और मिठाई खिलाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह रिश्तों में विश्वास, सुरक्षा, प्रेम और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाला पर्व है। ऐसे अवसरों पर समाज के हर वर्ग को उन बच्चों और जरूरतमंद लोगों के बीच पहुंचना चाहिए, जिन्हें स्नेह और अपनत्व की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ कुछ पल बिताकर उन्हें भी ऐसा लगा जैसे वे अपने परिवार के बीच हों।


उन्होंने आश्रम में बच्चों की देखरेख करने वाले लोगों के प्रति भी आभार और सम्मान व्यक्त किया। सोनिया साहू ने कहा कि जो लोग इन बच्चों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं और उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक एवं प्यार भरा माहौल दे रहे हैं, वे वास्तव में सराहना के पात्र हैं। बच्चों की देखभाल करना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता और सेवा की भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने आश्रम की पूरी व्यवस्था से जुड़े लोगों को दिल से प्रणाम करते हुए उनके सेवा भाव की प्रशंसा की।


सोनिया साहू ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि “आप सभी भगवान का एक खूबसूरत तोहफा हैं। आप ही कल का भविष्य हैं। खूब पढ़िए, खेलिए, अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़िए और हमेशा एक-दूसरे का हाथ थामकर साथ चलिए।” उन्होंने बच्चों को जीवन में मेहनत, शिक्षा, अनुशासन और आपसी सहयोग का महत्व समझाते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


उन्होंने कहा कि समाज में हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जरूरतमंद बच्चों के जीवन में खुशियां लाने का प्रयास करे। त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी है, जब हमारी खुशियां किसी दूसरे के चेहरे पर मुस्कान बनकर दिखाई दें। श्री संस्कार फाउंडेशन आगे भी सामाजिक सेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए इसी तरह कार्य करता रहेगा।


कार्यक्रम के दौरान श्री संस्कार फाउंडेशन की टीम ने बच्चों के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर निहारिका चटर्जी, लक्ष्मी सोनी, पद्मजा सिंह, सरबजीत कौर एवं किरण शुक्ला सहित फाउंडेशन की टीम उपस्थित रही।


श्री संस्कार फाउंडेशन की इस पहल ने रक्षाबंधन के पर्व को सेवा, संवेदना और मानवता से जोड़ते हुए एक विशेष संदेश दिया कि त्योहार की असली खुशी तभी है, जब हम अपनी खुशियों में उन लोगों को भी शामिल करें, जिन्हें हमारे स्नेह और अपनत्व की जरूरत है। सेवा भारती मातृ छाया आश्रम में बच्चों के साथ मनाया गया यह रक्षाबंधन प्रेम, दुलार और सामाजिक जिम्मेदारी की एक सुंदर मिसाल बन गया।