बिलासपुर। श्रावण मास के पावन सोमवार के अवसर पर नाग पंचमी पर्व श्रद्धा, आस्था और प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ कालकर कुंज संघ कार्यालय, श्री माधव प्रेरणा केन्द्र, हनुमान मंदिर, मनोहर टॉकीज के पास, जूना बिलासपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में जूना बिलासपुर बस्ती के नागरिकों, मंदिर की प्रभात एवं सायं शाखा के स्वयंसेवकों तथा उनके परिवारजनों और सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थी एवं आचार्य परिवार ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यालय परिसर में शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा एवं रुद्राभिषेक के साथ हुआ। रुद्राभिषेक के यजमान मंदिर सायं शाखा के बाल स्वयंसेवक रुद्र सिंह रहे। पूजन-अनुष्ठान के लिए बिलासपुर के अशोक नगर से पुजारी उपस्थित हुए।
रुद्र सिंह नियमित रूप से सायं शाखा में आते हैं। कार्यालय परिसर स्थित हनुमान मंदिर एवं तुलसी चौरा के प्रति उनकी विशेष श्रद्धा है। वे शाखा के विकिर के बाद प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक दीप प्रज्वलित करने का कार्य उत्साह एवं तत्परता से करते हैं।
नाग पंचमी के विशेष अवसर पर जूना बिलासपुर बस्ती से आए श्रद्धालुओं, सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों एवं आचार्य परिवार ने कांवड़ यात्रा, भजन-कीर्तन करते हुए अरपा नदी से जल लाकर भगवान शिव का अभिषेक किया। अभिषेक के पश्चात सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान सभी बालकों को हनुमान चालीसा की पुस्तक तथा आचार्य परिवार को साधक संजीवनी पुस्तक का वितरण किया गया। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं एवं उपस्थितजनों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन को सफल बनाने में ठाकुर मनोरंजन सिंह एवं डॉ. अवनीश त्रिपाठी के मित्र परिवार की प्रमुख भूमिका रही। शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा एवं मंदिर जीर्णोद्धार के कार्य के लिए ठाकुर मनोरंजन सिंह को निरंतर हनुमान जी की प्रेरणा मिलती रही, जिसके फलस्वरूप उन्होंने इस कार्य को समय पर पूर्ण कराया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर श्री माधव प्रेरणा केन्द्र के अध्यक्ष एवं सचिव तथा कालकर कुंज कार्यालय परिवार की ओर से कार्यालय प्रमुख महावीर सिंह ठाकुर ने सभी सहयोगियों, श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों एवं आचार्य परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
नाग पंचमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण, संस्कार और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी देता रहा।

