रायपुर, 31 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के लोक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े भोजली पर्व को राज्य में विशेष पर्व का दर्जा दिलाने और इस अवसर पर एक दिन के शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर भोजली महोत्सव समिति, तोरवा (बिलासपुर) के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के निजी निवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
समिति ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि भोजली पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसलिए इसे राज्य के विशेष पर्व के रूप में मान्यता प्रदान की जाए तथा इस दिन प्रदेशभर में शासकीय अवकाश घोषित किया जाए।
समिति ने यह भी उल्लेख किया कि इसी दिन प्रदेश में मितानी–मितान दिवस भी मनाया जाता है, जो सामाजिक भाईचारे, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है। ऐसे में दोनों अवसरों के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार से इस दिन विशेष दर्जा प्रदान करने का आग्रह किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भोजली पर्व को विशेष राज्य पर्व का दर्जा मिलने से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को नई पहचान मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों में पारंपरिक लोक उत्सवों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में भोजली महोत्सव समिति, तोरवा (बिलासपुर) के अध्यक्ष शंकर यादव, देव यादव, रामजी यादव और चंदन यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।

