महतारी वंदन योजना से महिलाओं के जीवन में आया आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन, मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की बड़ी उपलब्धियां
रायपुर, 22 जुलाई 2026। राजधानी रायपुर में आयोजित 'इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, रोजगार, उद्योग, पर्यटन, बस्तर के विकास और सुशासन को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी उद्देश्य से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आई है। प्रदेश की लगभग 68.50 लाख विवाहित महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। अब तक 29 किश्तों के माध्यम से लगभग 18,800 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। कई महिलाएं इस राशि से स्वरोजगार शुरू कर रही हैं, बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए बचत कर रही हैं तथा परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को एकत्र कर भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू किया है। उन्होंने इसे महिला जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रदेश में 2 लाख 86 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों को रेडी-टू-ईट योजना, ऋण सुविधा और विभिन्न स्वरोजगार कार्यक्रमों से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति, विकास और रोजगार की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। 'नियद नेल्ला नार' योजना के माध्यम से 500 से अधिक गांवों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। लगभग 17 विभागों की 40 से अधिक योजनाएं ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत करीब 36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है तथा गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में भेजा गया। वहीं बस्तर मुन्ने योजना के माध्यम से अधिकारी स्वयं दूरस्थ गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं।
बस्तर के विकास को गति देने के लिए इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनसे लगभग 80 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी। साथ ही चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफाएं, अबूझमाड़ और धुड़मारास जैसे पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत होम-स्टे योजना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को पर्यटन के माध्यम से रोजगार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इमली, महुआ, हर्रा, बहेड़ा, सीताफल और अन्य वनोपजों का मूल्य संवर्धन कर ग्रामीणों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, पैकेजिंग और अन्य कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 लागू कर प्रलोभन, दबाव या छलपूर्वक धर्मांतरण पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। साथ ही समान नागरिक संहिता को लेकर गठित समिति भी तेजी से कार्य कर रही है।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में युवाओं को नियुक्तियां दी गई हैं और जल्द ही 5 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। नई औद्योगिक नीति के तहत राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे आने वाले समय में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम में महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। बलौदाबाजार की मीना देवांगन ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिली राशि से उन्होंने चूड़ी का व्यवसाय शुरू किया है, जबकि सरोज ने कहा कि वह इस राशि से अपने बच्चे की स्कूल फीस जमा कर रही हैं। महिलाओं ने योजना को परिवार की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
