बिलासपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर की नवाचारी व्याख्याता शांति सोनी अपने शिक्षा एवं समाजसेवा आधारित जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी समाज के बीच सकारात्मक परिवर्तन की नई अलख जगा रही हैं। उनका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुँचाना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक, सशक्त, संवेदनशील और उत्तरदायी बनाना है।
शांति सोनी ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन, “नशा छोड़ो–जीवन जोड़ो” अभियान, महिला सशक्तिकरण, प्रौढ़ साक्षरता, योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे अनेक महत्वपूर्ण सामाजिक अभियानों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन अभियानों के माध्यम से उन्होंने समाज में स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर जागरूकता पैदा करने का निरंतर प्रयास किया है।
इन जनजागरूकता अभियानों की विशेष बात यह है कि शांति सोनी ने अपने विद्यार्थियों को भी सामाजिक सरोकारों से जोड़ा है। विद्यार्थी अब केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर समाज में जागरूकता फैलाने के सक्रिय सहभागी बन रहे हैं। वे घर-घर जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं तथा नशामुक्ति, जल संरक्षण, महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनसमुदाय को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता का भी विकास हो रहा है।
शांति सोनी के अभियान केवल विद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहे हैं। उन्होंने ग्राम पंचायतों, सार्वजनिक स्थलों, सामाजिक आयोजनों, योग प्रशिक्षण शिविरों तथा स्थानीय संस्थानों तक पहुँच बनाकर नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया है। समाज के हर वर्ग तक जागरूकता का संदेश पहुँचाने के लिए उनके द्वारा निरंतर जनसंपर्क, हस्ताक्षर अभियान, रैलियाँ, संवाद कार्यक्रम और प्रेरक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों को ग्रामीणों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सामाजिक संगठनों का निरंतर सहयोग और व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है।
शांति सोनी का मानना है कि जब शिक्षा समाज की वास्तविक जरूरतों और समस्याओं से जुड़ती है, तभी उसका वास्तविक उद्देश्य सार्थक होता है। इसी सोच के साथ उनके द्वारा शिक्षा को सामाजिक चेतना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उनके सतत एवं समर्पित प्रयासों ने विद्यालय और समुदाय के बीच सहभागिता को मजबूत करते हुए जनजागरूकता को एक प्रभावी सामाजिक आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है।
आज शांति सोनी के जनजागरूकता अभियान समाज के अनेक वर्गों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन रहे हैं। उनके प्रयासों से लोगों में सामाजिक उत्तरदायित्व, जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो रही है। शिक्षा, समाजसेवा और जनसहभागिता के समन्वय से चलाए जा रहे ये अभियान निश्चित रूप से सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।










