बिलासपुर। बिलासपुर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से उत्पन्न बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने राज्य सरकार से वर्षा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज और पर्याप्त मुआवजा राशि की तत्काल घोषणा करने की मांग की है।
त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश ने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र, बिलासपुर महानगर तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई वार्डों और दर्जनों गांवों में लोगों के मकानों को भारी क्षति पहुंची है। अनेक कच्चे मकान धराशायी हो गए हैं, जबकि कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। लगातार जलभराव के कारण लोगों के सामने भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर गरीब, निम्न आय वर्ग एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ा है। अनेक किसानों की खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं, पशुधन को नुकसान पहुंचा है और छोटे व्यापारियों तथा मजदूर वर्ग की आजीविका पर भी गंभीर संकट आ गया है। हजारों परिवार आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं और उनके सामने जीवनयापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने मांग करते हुए कहा कि राज्य सरकार तत्काल विशेष सर्वे अभियान चलाकर प्रत्येक प्रभावित परिवार का निष्पक्ष आकलन कराए तथा जिन लोगों के मकान, फसल, पशुधन, घरेलू सामान एवं अन्य संपत्तियों को नुकसान हुआ है, उन्हें पर्याप्त एवं त्वरित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही राहत शिविर, खाद्यान्न, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं तथा आवश्यक दैनिक उपयोग की सामग्री भी प्रभावित परिवारों तक शीघ्र पहुंचाई जाए।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार की जिम्मेदारी केवल स्थिति का निरीक्षण करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहना चाहिए। संकट की इस घड़ी में लोगों को आर्थिक, सामाजिक एवं मानवीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार का नैतिक दायित्व है।
त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने प्रशासन से भी अपील की कि जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की शीघ्र मरम्मत कर आवागमन बहाल किया जाए तथा बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत और उचित मुआवजा मिलने से उनका मनोबल बढ़ेगा तथा वे इस कठिन परिस्थिति से जल्द उबर सकेंगे। साथ ही राज्य सरकार को भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर जल निकासी व्यवस्था, नदी-नालों की सफाई तथा आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए वर्षा प्रभावित प्रत्येक परिवार को शीघ्र राहत, उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी, ताकि लोग इस आपदा से उबरकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
