मुख्यमंत्री की पहल: स्वस्थ माताएं, स्वस्थ बच्चे और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए बनेगी समन्वित कार्ययोजना
रायपुर, 22 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और कुपोषण मुक्त प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री ने यूनिसेफ (UNICEF) की भारत प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे से मुलाकात कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन और बच्चों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास सहित सभी संबंधित विभाग मिलकर एक समन्वित और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करेंगे। इस रणनीति का उद्देश्य शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण में प्रभावी कमी लाना तथा स्वास्थ्य एवं पोषण योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग साझा लक्ष्य और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि प्रदेश के बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचे।
बैठक के दौरान यूनिसेफ प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप शॉल और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान 'नंदी' भेंट कर स्वागत किया गया। वहीं यूनिसेफ की ओर से भारत में संस्था के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया गया।
सिंथिया मैककैफ्रे ने "जय जोहार" कहकर अपना संबोधन शुरू किया और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति तथा यहां के लोगों की सरलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ लंबे समय से राज्य सरकार के साथ मिलकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध बनेगा।
बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ की प्रमुख सीमा कुमार, अनिल गुलाटी तथा डॉ. बाल पारितोष दास सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
