रचनाकार भारत फाउंडेशन की राष्ट्रीय भाषण प्रतियोगिता श्रृंखला की तीसरी कड़ी सफलतापूर्वक संपन्न,

 कोलकाता, 12 जुलाई 2026। अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था रचनाकार भारत फाउंडेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय भाषण प्रतियोगिता श्रृंखला की तीसरी कड़ी रविवार को उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बार प्रतियोगिता का विषय "21वीं सदी में प्रेमचंद के साहित्य की प्रासंगिकता" रखा गया, जिस पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिभागियों ने प्रभावशाली एवं विचारोत्तेजक वक्तव्य प्रस्तुत किए।












कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की अध्यक्ष रचना सरन ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल एवं उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए किया। उन्होंने प्रतियोगिता के उद्देश्य, नियमों एवं मूल्यांकन के प्रमुख बिंदुओं से सभी को अवगत कराया।

कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन संस्था के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र सिंह तथा शिक्षिका प्रिया श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन ब्रजेश कुमार त्रिपाठी (रेलवे अधिकारी), विवेक लाल (शिक्षक), डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी (व्याख्याता एवं शिक्षाविद), प्रिया श्रीवास्तव (कवयित्री) एवं संस्था अध्यक्ष रचना सरन ने निर्णायक मंडल के रूप में किया।

प्रतियोगिता के समापन पर निर्णायकों ने प्रेमचंद के साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का विश्लेषण करते हुए उनकी खूबियों एवं सुधार के बिंदुओं पर प्रकाश डाला। ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने वर्तमान सामाजिक परिवेश में प्रेमचंद के साहित्य की उपयोगिता को रेखांकित किया। विवेक लाल ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में इस प्रकार की प्रतियोगिताओं की महत्वपूर्ण भूमिका बताई, जबकि नुपुर श्रीवास्तव ने प्रतियोगिता के विषय से जुड़े महत्वपूर्ण साहित्यिक एवं ऐतिहासिक तथ्यों को साझा किया।

प्रतियोगिता में रानी कुमारी महतो ने प्रथम, सुमन कुमारी राम ने द्वितीय तथा वर्षा सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के विशेष अतिथि युगांडा से पधारे विश्व प्रसिद्ध कवि एवं रचनाकार भारत फाउंडेशन के विदेश विभाग प्रभारी अजय गोयल रहे। संस्था के संस्थापक सभापति सुरेश चौधरी एवं संस्था के पदाधिकारियों ने उनका मुक्ताहार, स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अजय गोयल के करकमलों से विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न एवं सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर अजय गोयल ने अपनी मधुर काव्य एवं गीत प्रस्तुति से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संस्था ने बताया कि यह राष्ट्रीय भाषण प्रतियोगिता प्रत्येक माह आयोजित की जाती है, जिसमें 16 वर्ष या उससे अधिक आयु के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। इस आयोजन का सफल संयोजन विनोद यादव ने अत्यंत सुव्यवस्थित एवं कुशलतापूर्वक किया। कार्यक्रम को उपस्थित साहित्यप्रेमियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने अत्यंत सराहा तथा इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया।