किरपान भेंट कर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का भव्य स्वागत, बिलासपुर में दिखा उत्साह

 बिलासपुर। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के बिलासपुर आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा उनका भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। सरगांव चौक पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम में सिख धर्म की आस्था, साहस और सम्मान के प्रतीक किरपान भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में स्वागत का उल्लासपूर्ण वातावरण बना रहा।








स्वागत समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह ने पुष्पमालाओं एवं गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, विधायक देवेंद्र यादव, छाया विधायक राजेंद्र शुक्ला, सुबोध हरितवाल सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि इमरान प्रतापगढ़ी देशभर में सामाजिक समरसता, भाईचारे, संवैधानिक मूल्यों और अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों की सशक्त आवाज के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। उनके बिलासपुर आगमन से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।

सिख परंपरा के अनुसार भेंट की गई किरपान केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, आत्मसम्मान और मानवता की रक्षा का संदेश भी देती है। अतिथियों ने इस सम्मान को सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का प्रतीक बताते हुए इसे पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

इस अवसर पर नेताओं ने संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता और संविधान की मूल भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदैव सभी वर्गों, समुदायों और धर्मों को साथ लेकर चलने की विचारधारा पर विश्वास करती है और देश की लोकतांत्रिक एवं सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

स्वागत समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोशीले नारों के साथ राष्ट्रीय अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवा साथियों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया। पूरे आयोजन में अनुशासन, उत्साह और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला, जिसने सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी दिया।