मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को रेखांकित करेगी ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला ‘मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर जगदलपुर में होगा रचनात्मक आयोजन, स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगा देश के वरिष्ठ कार्टूनिस्टों से प्रशिक्षण
रायपुर, 30 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर जिस तरह विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है, उसी सकारात्मक बदलाव को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की प्रतिष्ठित मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में ‘मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
इस कार्यशाला में स्कूली विद्यार्थियों को कार्टून एवं कैरिकेचर कला की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन स्थलों, लोक परंपराओं और सामाजिक जीवन को रचनात्मक ढंग से चित्रित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
आज बस्तर केवल अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि विकास, पर्यटन और सकारात्मक बदलाव की नई पहचान के रूप में भी देश-दुनिया में अपनी अलग छवि बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा तथा अनेक लोकपर्व बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक हैं। इन्हीं विशेषताओं को कार्टून कला के माध्यम से जीवंत रूप देने के उद्देश्य से इस कार्यशाला की थीम ‘मुस्कुराता बस्तर’ निर्धारित की गई है।
कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारना तथा उन्हें समाज, संस्कृति और समकालीन विषयों को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करने की प्रेरणा देना है।
कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार शुभम जिंदे विशेष रूप से शामिल होंगे। दोनों कलाकार लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून एवं कैरिकेचर बनाने की तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक सरोकार, रचनात्मक संभावनाओं तथा रोजगार के अवसरों की भी जानकारी दी जाएगी।
यह आयोजन बस्तर की युवा प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करेगा और स्थानीय संस्कृति एवं प्राकृतिक विरासत को रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हुए सकारात्मक सोच, सृजनशीलता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

