बिलासपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर में व्याख्याता एवं नवाचारी शिक्षिका शांति सोनी के मार्गदर्शन में विद्यालय और समुदाय के बीच सहभागिता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता एवं हस्ताक्षर अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन जागरूकता, जल संचयन एवं जल संरक्षण तथा ‘नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो’ जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना, सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देना, जनभागीदारी सुनिश्चित करना तथा विद्यालय के प्रति समुदाय में विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करना है।
अभियान के अंतर्गत विद्यालय की कक्षा 11वीं की छात्राएँ राधिका निषाद, ममता चौहान एवं हेमलता तथा कक्षा 9वीं की छात्रा दीपा साहू ने अपने पालकों और ग्रामवासियों के सहयोग से घर-घर जाकर लोगों से संवाद स्थापित किया। छात्राओं ने ग्रामीणों को शिक्षा के महत्व, विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता के प्रति जागरूक करते हुए अभियान के समर्थन में बड़ी संख्या में हस्ताक्षर एकत्र किए।
अभियान की विशेष उपलब्धि यह रही कि कक्षा 11वीं की छात्रा राधिका निषाद ने अकेले ही 2,000 से अधिक हस्ताक्षर एकत्रित किए। वहीं कक्षा 9वीं की छात्रा दीपा साहू ने अपनी माता रूपवती साहू के सहयोग से 2,000 से अधिक हस्ताक्षर प्राप्त कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अभियान में सहभागिता निभाते हुए जनसंपर्क और हस्ताक्षर संग्रह में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस अवसर पर शांति सोनी ने कहा कि जब विद्यार्थी विद्यालय की चारदीवारी से बाहर निकलकर समाज के बीच सकारात्मक संदेश लेकर पहुंचते हैं, तब शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य सार्थक होता है। ऐसे अभियान विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय और समुदाय के बीच मजबूत संबंध शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। विद्यार्थियों द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण समाज में जागरूकता का संदेश पहुंचाने के साथ-साथ लोगों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। अभियान को ग्रामीण समुदाय का भी उत्साहजनक समर्थन प्राप्त हो रहा है।
