बिलासपुर। शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की चेतना विकसित करना भी है। इसी सोच के साथ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर की व्याख्याता एवं नवाचारी शिक्षिका शांति सोनी द्वारा संचालित विभिन्न जन-जागरूकता अभियानों को अन्य शिक्षकों के साथ साझा किया गया। इस पहल से इन अभियानों को नई ऊर्जा मिली और जनहित के संदेश व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुँचे।
शांति सोनी के नवाचारों एवं जन-जागरूकता अभियानों से प्रेरित होकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरदा की व्याख्याता ज्योति सराफ ने अपने विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ मिलकर इन अभियानों को जन-जन तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य किया। उनके सामूहिक प्रयासों से जांजगीर-चांपा जिले में जन-जागरूकता अभियान को व्यापक पहचान मिली और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रभावी पहल देखने को मिली।
यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि जब शिक्षक एक-दूसरे के नवाचारों को अपनाकर सामूहिक रूप से कार्य करते हैं, तो उनका प्रभाव किसी एक विद्यालय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज को प्रेरित करता है। शांति सोनी द्वारा विकसित सहयोगात्मक कार्यशैली, शिक्षक नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना ने शिक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
ऐसे प्रेरक प्रयास राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की सहभागितापूर्ण एवं समाज-केंद्रित शिक्षा की अवधारणा को सशक्त बनाते हुए राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की प्रभावी और प्रेरणादायी भूमिका को भी रेखांकित करते हैं।






