प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द में श्रद्धा एवं देशभक्ति के साथ मनाई गई चंद्रशेखर आज़ाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती
सिर्रीखुर्द/गरियाबंद। शासकीय प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द में महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद एवं राष्ट्रनायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं देशभक्ति के वातावरण में उत्साहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को चंद्रशेखर आज़ाद के अदम्य साहस, वीरता, त्याग और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण से परिचित कराया गया। वहीं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के राष्ट्रजागरण, शिक्षा, सामाजिक चेतना एवं "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है" जैसे प्रेरणादायी विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। बच्चों ने देशभक्ति गीत, प्रेरक भाषण, कविता एवं विचार प्रस्तुत कर महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक एवं प्रभारी प्रधान पाठक खोमन सिन्हा ने कहा कि ऐसे महान राष्ट्रनायकों का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे चंद्रशेखर आज़ाद के साहस, अनुशासन और देशभक्ति तथा लोकमान्य तिलक के स्वाभिमान, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का जिम्मेदार नागरिक बनेगा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों से राष्ट्रहित, सामाजिक सद्भाव एवं नैतिक मूल्यों को अपनाते हुए देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रभारी प्रधान पाठक एवं राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक खोमन सिन्हा, शिक्षिका धनेश्वरी सिन्हा, द्रोपदी सिन्हा, सीता साहू, लीलाराम भोजवानी सहित विद्यालय के विद्यार्थी, अभिभावक एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
