संसद परिसर में विपक्ष ने सनातन परंपराओं का किया अपमान : दीपक जायसवाल

 रायपुर, 31 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के सदस्य एवं एमसीबी जिला प्रभारी दीपक जायसवाल ने संसद परिसर में विपक्ष द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च संस्थान संसद की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार का प्रदर्शन ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे देश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक भावनाएं आहत हों।








जारी प्रेस विज्ञप्ति में दीपक जायसवाल ने कहा कि संसद परिसर में जिस प्रकार का प्रदर्शन किया गया, वह केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं था, बल्कि इससे सनातन परंपराओं, संत समाज, पुजारियों और करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक प्रतीकों का इस प्रकार उपयोग या उपहास करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध दर्ज कराने का सभी दलों को अधिकार है, लेकिन इसकी भी अपनी संवैधानिक और नैतिक मर्यादाएं होती हैं। संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है।

दीपक जायसवाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनहित और विकास के मुद्दों पर सकारात्मक राजनीति करने के बजाय धार्मिक प्रतीकों और आस्थाओं को राजनीतिक विवाद का विषय बना रहा है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं की भावना के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि देश की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों, संसद की गरिमा और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान को सर्वोपरि मानती है। संसद की प्रतिष्ठा, भारत की सनातन परंपराओं और करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं हो सकता।

दीपक जायसवाल ने विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए संसद की गरिमा बनाए रखने तथा देश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की।