नकटी में हुई तोड़-फोड़ अमानवीय, अनैतिक ही नहीं बल्कि पूरी तरह गैरकानूनी भी : दीपक बैज

 रायपुर, 01 जुलाई 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नकटी गांव में 85 आवासों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों पर की गई बुलडोजर कार्रवाई राज्य सरकार के गरीब विरोधी रवैये को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अमानवीय, अनैतिक होने के साथ-साथ पूरी तरह गैरकानूनी भी है।






दीपक बैज ने कहा कि सामान्यतः मानवीय आधार पर वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी प्रकार की विस्थापन या तोड़-फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाती। छत्तीसगढ़ में 10 से 15 जून के बीच मानसून का आगमन माना जाता है और इसके बाद भूमि सीमांकन जैसी प्रक्रियाएं भी नहीं होतीं। इसके बावजूद 29 जून को नकटी गांव में मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जो नियमों और संवेदनशील प्रशासनिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि इस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी विस्थापन से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करना शासन की जिम्मेदारी होती है। लेकिन सरकार ने बिना पुनर्वास की व्यवस्था पूरी किए ही लोगों को अपना सामान तक हटाने का अवसर दिए बिना उनके घरों को तोड़ दिया। जिन स्थानों पर अस्थायी पुनर्वास किया जा रहा है, वे प्रभावितों के वर्तमान निवास से काफी दूर हैं।

उन्होंने कहा कि कई परिवारों में 20 से 25 सदस्य हैं, जबकि उन्हें केवल एक कमरे का आवास दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में उनका जीवन-यापन कैसे संभव होगा? पुनर्वास स्थल पर बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। सरकार द्वारा दिए गए अस्थायी आवंटन पत्रों में 5.50 लाख और 8.50 लाख रुपये लागत वाले मकानों का उल्लेख है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मकानों की राशि कौन देगा? यदि सरकार ने लोगों को विस्थापित किया है तो उन्हें पूर्णतः निःशुल्क आवास उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

दीपक बैज ने बताया कि कांग्रेस के आदिवासी विधायक जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नकटी में विधायक आवास लेने से इनकार कर दिया है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति वर्ग की विधायक चातुरी नंद ने भी स्पष्ट किया है कि वे गरीबों का आशियाना उजाड़कर बनाई गई कॉलोनी में आवास स्वीकार नहीं करेंगी। कांग्रेस ने भाजपा के विधायकों से भी आग्रह किया कि वे गरीबों की पीड़ा पर निर्मित इस कॉलोनी में आवास लेने से इंकार करें। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में सरकार के पास हजारों एकड़ खाली भूमि उपलब्ध है, जहां नई विधायक कॉलोनी विकसित की जा सकती है। सरकार जब विभिन्न संस्थाओं और कंपनियों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराती है, तो विधायक कॉलोनी के लिए वैकल्पिक भूमि क्यों नहीं चुनी गई?

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

सरकार अपनी गलती स्वीकार करते हुए जिन मकानों को तोड़ा गया है, उन्हें उसी स्थान पर पुनः बनाकर प्रभावित परिवारों को सौंपे।

तोड़-फोड़ से प्रभावित परिवारों को हुए आर्थिक नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।

इस अमानवीय एवं कथित गैरकानूनी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए प्रदेशवासियों और प्रभावित परिवारों से माफी मांगें तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें।

पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी, पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री सकलेन कामदार, पूर्व विधायक अनीता शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, राजेन्द्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, वंदना राजपूत, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह तथा प्रवक्ता अजय गंगवानी उपस्थित रहे।