बिलासपुर को ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत: ₹827 करोड़ की 4-लेन रिंग रोड के लिए केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने नितिन गडकरी से की मुलाकात नई दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक, परियोजना को शीघ्र स्वीकृति दिलाने का किया आग्रह
नई दिल्ली/बिलासपुर।
बिलासपुर शहर को बढ़ते ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर के लिए प्रस्तावित ₹827.20 करोड़ की लागत वाली 4-लेन रिंग रोड परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने तथा निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान तोखन साहू ने बताया कि तेजी से विकसित हो रहे बिलासपुर शहर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रस्तावित 4-लेन रिंग रोड शहर की भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना है। यह रिंग रोड राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (NH-130), राष्ट्रीय राजमार्ग-130A (NH-130A) और राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) को आपस में जोड़ेगी, जिससे भारी मालवाहक वाहनों का शहर के भीतर आवागमन कम होगा और आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। यात्रा समय में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण में कमी आएगी तथा बिलासपुर के समग्र शहरी एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
तोखन साहू ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा परियोजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR), ट्रैफिक सर्वे तथा ड्राफ्ट एलाइनमेंट तैयार करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने इन सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर परियोजना को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा।
यह महत्वाकांक्षी रिंग रोड परियोजना साकार होने के बाद बिलासपुर की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी। साथ ही शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलने के साथ उद्योग, व्यापार और निवेश के नए अवसर भी विकसित होंगे, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।


