31 वर्षों की गौरवशाली सेवा पूरी कर 32वें वर्ष में प्रवेश: भारतीय रेल को समर्पित संजय कुमार साहू ने जताया आभार
रायपुर, 18 जुलाई। भारतीय रेल देश की जीवनरेखा मानी जाती है। करोड़ों यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध कराने में लाखों रेलकर्मियों की निष्ठा, अनुशासन और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे ही एक समर्पित रेलकर्मी संजय कुमार साहू ने आज अपनी सेवाओं के 31 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर 32वें वर्ष में प्रवेश किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय रेल के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे में सेवा करने का अवसर उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।
संजय कुमार साहू ने भावुक शब्दों में कहा कि "आज ही के दिन मुझे भारतीय रेल परिवार का हिस्सा बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। बीते 31 वर्षों में मैंने अपने प्रत्येक दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ करने का प्रयास किया है। अब 32वें वर्ष में प्रवेश करते हुए मैं भारतीय रेल को हृदय से नमन करता हूँ और ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि आगे भी इसी समर्पण के साथ अपनी सेवाएँ देता रहूँ।"
उन्होंने कहा कि भारतीय रेल केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि देश की प्रगति, विकास और एकता का मजबूत आधार है। रेलवे में कार्य करते हुए उन्हें अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रत्येक अनुभव ने उन्हें नई सीख, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी का एहसास कराया। यही अनुभव उनकी सेवा यात्रा की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
संजय कुमार साहू ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों, परिवारजनों और उन सभी लोगों को दिया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से वे अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सके। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी की सफलता केवल उसके व्यक्तिगत प्रयासों से नहीं, बल्कि पूरी टीम के सहयोग और विश्वास से संभव होती है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ भारतीय रेल ने आधुनिक तकनीक, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। इस परिवर्तन का साक्षी बनना और उसमें अपनी भूमिका निभाना उनके लिए गर्व का विषय रहा है। उनका विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भारतीय रेल विश्व की सर्वश्रेष्ठ रेल सेवाओं में और अधिक सशक्त स्थान बनाएगी।
31 वर्षों की इस सेवा यात्रा के अवसर पर उनके सहकर्मियों, शुभचिंतकों और मित्रों ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए उनके उत्कृष्ट कार्य, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, उज्ज्वल भविष्य और सफल सेवा जीवन की कामना की।
संजय कुमार साहू का यह सेवा सफर इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि यदि कोई व्यक्ति अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार, अनुशासित और समर्पित रहे, तो वर्षों बाद भी उसका उत्साह और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता बनी रहती है। भारतीय रेल के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।


