15 जुलाई विधानसभा घेराव को लेकर गरियाबंद के सहायक एवं समग्र शिक्षकों में जबरदस्त उत्साह, तैयारियां अंतिम चरण में

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेशव्यापी आह्वान पर आगामी 15 जुलाई को रायपुर में प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर गरियाबंद जिले के सहायक एवं समग्र शिक्षकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले के सभी विकासखंडों में लगातार बैठकों का दौर जारी है। संगठन के पदाधिकारी गांव-गांव एवं स्कूल-स्कूल पहुंचकर अधिक से अधिक शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।







फेडरेशन के जिलाध्यक्ष कुमेन्द्र कश्यप ने बताया कि यह आंदोलन प्रदेश के हजारों सहायक एवं समग्र शिक्षकों के सम्मान, सेवा सुरक्षा, आर्थिक न्याय तथा वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने लंबे समय से शासन-प्रशासन के समक्ष ज्ञापन, चर्चा और शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास किया, लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं मिलने के कारण अब लोकतांत्रिक तरीके से विधानसभा घेराव का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि फेडरेशन की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति का शीघ्र निराकरण एवं क्रमोन्नति वेतनमान लागू करना, टेट की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना, पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पूर्ण पेंशन एवं समस्त सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करना, लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करना तथा वीएसके (VSK) के कारण शिक्षकों पर पड़ रहे मानसिक दबाव एवं वेतन कटौती पर तत्काल रोक लगाना प्रमुख रूप से शामिल हैं।

जिलाध्यक्ष श्री कुमेन्द्र कश्यप ने बताया कि गरियाबंद, फिंगेश्वर, छुरा, मैनपुर एवं देवभोग विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक रायपुर पहुंचेंगे। इसके लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर समन्वय समितियों का गठन कर परिवहन, संपर्क एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संविधान सम्मत होगा। इसका उद्देश्य सरकार तक शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाकर उनके न्यायोचित एवं स्थायी समाधान की मांग करना है।

अंत में जिलाध्यक्ष कुमेन्द्र कश्यप ने जिले के सभी सहायक एवं समग्र शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि 15 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में रायपुर पहुंचकर विधानसभा घेराव को सफल बनाएं। उन्होंने कहा, "शिक्षकों के सम्मान, सेवा सुरक्षा, आर्थिक न्याय और उज्ज्वल भविष्य की इस लड़ाई में प्रत्येक शिक्षक की भागीदारी आवश्यक है। संगठन की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और इसी एकता के बल पर हम अपने अधिकारों की लड़ाई को सफलता तक पहुंचाएंगे।"