साजा विधायक निधि से कम्प्यूटर खरीदी में अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए : कांग्रेस 120 कम्प्यूटर खरीदी में लगभग 70 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप, विधायक निधि के दुरुपयोग का मामला
रायपुर, 29 जुलाई 2026।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने साजा विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से 120 कम्प्यूटर खरीदी में गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि साजा विधायक ईश्वर साहू की विधायक निधि से खरीदे गए 120 कम्प्यूटर बाजार मूल्य की तुलना में लगभग चार गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए हैं। साथ ही, उपलब्ध कराए गए कम्प्यूटर पुराने मॉडल के बताए जा रहे हैं। इस पूरी खरीदी प्रक्रिया में लगभग 70 लाख रुपये की वित्तीय गड़बड़ी होने का आरोप सामने आया है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन विद्यालयों में कम्प्यूटर भेजे गए, उन विद्यालयों द्वारा इसकी कोई मांग नहीं की गई थी। कई स्थानों पर एक अज्ञात फर्म द्वारा बिना पूर्व सूचना के कम्प्यूटर पहुंचाकर विद्यालय प्रबंधन से केवल प्राप्ति रसीद पर हस्ताक्षर करा लिए गए। कम्प्यूटर आपूर्ति करने वाली फर्म की स्पष्ट जानकारी विद्यालयों को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे भविष्य में तकनीकी खराबी या वारंटी संबंधी समस्या होने पर संपर्क का कोई माध्यम भी निर्धारित नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि कई विद्यालयों में कम्प्यूटर रखने के लिए पर्याप्त स्थान तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने डंगनिया स्कूल का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां कम्प्यूटर स्थापित करने के बाद सप्लायर ने विद्यालय प्रमुख के साथ फोटो खिंचवाई और बाद में कम्प्यूटर वापस ले गया। विद्यालय को बताया गया कि कम्प्यूटर विधायक ईश्वर साहू के निवास पर पहुंचाना है। यदि यह तथ्य सही है तो यह अत्यंत गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि विधायक निधि का उद्देश्य क्षेत्र की जनता और शैक्षणिक संस्थानों के विकास के लिए पारदर्शी एवं जनहितकारी कार्य करना है, लेकिन यदि खरीदी प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो यह जनता के टैक्स के पैसे के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
