बारिश से प्रभावित कर्मचारियों के मुद्दों पर केएमएससीयू की आपात बैठक, 12वें वेज बोर्ड, मुआवजा और आंदोलन की रणनीति पर हुई अहम चर्चा,

 बिलासपुर, 25 जुलाई 2026। के.एम.एस.सी.यू. (KMSCU) की एक अतिआवश्यक बैठक शनिवार को वसंत विहार में आयोजित की गई। बैठक में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश से वसंत विहार एवं इंदिरा विहार के कर्मचारी आवासों में हुए जलभराव, कर्मचारियों को हुए भारी नुकसान, 12वें वेज बोर्ड के गठन, वेतन समझौते, आवास, मुआवजा तथा भविष्य की आंदोलनात्मक रणनीति सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।










बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष का० अर्जुन ने की, जबकि संचालन सचिव का० सूरज कुमार बघेल ने किया। बैठक में का० शिव खूँटे, का० तिरथ राम, का० खेम साहू, का० अभिषेक, का० राजेन्द्र निराला तथा का० सौरभ बनर्जी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 12वें वेज बोर्ड के गठन और कर्मचारियों के लंबित वेतन समझौते को लेकर मुख्यालय स्तर पर प्रदर्शन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सभी श्रमिक संगठनों के साथ समन्वय बनाकर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।

बैठक में जेबीसी सदस्य का० शिव खूँटे ने जानकारी दी कि बारिश से प्रभावित कर्मचारियों को हुए नुकसान के संबंध में प्रबंधन के साथ चर्चा हुई है। प्रबंधन द्वारा क्षति का सर्वे कराने और मानव संसाधन विभाग के माध्यम से समाधान निकालने की बात कही गई है। उन्होंने प्रभावित कर्मचारियों को उचित मुआवजा देने तथा आवास संबंधी समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अध्यक्ष का० अर्जुन ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सबसे अधिक नुकसान इंदिरा विहार में हुआ है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आवासों के नवनिर्माण और जलनिकासी व्यवस्था के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग आखिर कहां हुआ। उन्होंने इस मामले में पत्राचार करने, कर्मचारियों का बीमा कराने तथा 10 अगस्त को संयुक्त आंदोलन की रणनीति तैयार करने की बात कही। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।

बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से जलनिकासी व्यवस्था की अनदेखी, नालियों के निर्माण में लापरवाही और मानसून पूर्व तैयारी नहीं होने के कारण हर वर्ष कर्मचारी जलभराव की समस्या झेलने को मजबूर हैं। वक्ताओं ने कहा कि पिछले वर्ष भी इसी प्रकार की स्थिति बनी थी, लेकिन आज तक प्रभावित कर्मचारियों को समुचित मुआवजा नहीं मिल पाया।

का० अभिषेक ने कहा कि कंपनी को जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने प्रभावित कर्मचारियों को शिफ्टिंग अलाउंस, वास्तविक किराए के अनुरूप आवास भत्ता तथा जलभराव के दौरान सहयोग करने वाले कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के प्रोत्साहन पुरस्कार देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों के वेतन समझौते में लगातार हो रही देरी के खिलाफ संगठन को मजबूती से आवाज उठानी चाहिए।

का० सौरभ बनर्जी ने कहा कि मानसून पूर्व तैयारी के अभाव और ड्रेनेज सिस्टम की खराब स्थिति के कारण कर्मचारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों को बाहर रहने के लिए केवल एचआरए देना समाधान नहीं है, बल्कि उन्हें उचित मुआवजा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों के वेतन समझौते को लगातार टालने की कोशिश की जा रही है, जिसके विरोध में सभी संगठनों को एकजुट होकर उग्र आंदोलन की तैयारी करनी चाहिए।

बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि बारिश से प्रभावित सभी कर्मचारियों को हुए नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, जलनिकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए तथा कर्मचारियों के लंबित वेतन समझौते और 12वें वेज बोर्ड के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।