महमंद, बिल्हा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें कौशल आधारित, आत्मनिर्भर एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ना है। इसी उद्देश्य को मूर्त रूप देते हुए शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महमंद की वरिष्ठ व्याख्याता एवं वसुंधरा इको क्लब प्रभारी श्रीमती शांति सोनी द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान किशोरियों, महिलाओं एवं विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण तथा निःशुल्क ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण के समापन समारोह में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस पहल ने उनमें आत्मविश्वास का संचार किया है और उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली है। प्रतिभागियों ने कहा कि यह प्रशिक्षण उनके भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
श्रीमती शांति सोनी का मानना है कि शिक्षा तभी सार्थक होती है जब वह व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम हो। इसी सोच के साथ वे वर्षों से नारी सशक्तिकरण, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नशामुक्ति जागरूकता एवं मासिक धर्म स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर निरंतर कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं और किशोरियों को शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान करना भी अत्यंत आवश्यक है। सिलाई-कढ़ाई एवं ब्यूटी पार्लर जैसे प्रशिक्षण न केवल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाकर उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। श्रीमती शांति सोनी की यह पहल इसी दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास है, जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं एवं महिलाओं को निःशुल्क व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया।
समापन समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि शांति सोनी जैसी समर्पित शिक्षिकाएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त वाहक हैं। उनके प्रयासों से अनेक किशोरियां एवं महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं।
शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का सफल निर्वहन करते हुए श्रीमती शांति सोनी ने यह सिद्ध किया है कि एक शिक्षक केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज निर्माण का भी महत्वपूर्ण आधार होता है। उनकी यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को साकार करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण एवं कौशल आधारित शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
निस्संदेह, शिक्षा, समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास के क्षेत्र में श्रीमती शांति सोनी द्वारा किए जा रहे सतत एवं प्रभावी कार्य उन्हें एक विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। वे आज अनेक शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं समाजसेवियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।



