जनप्रतिनिधि का पहला कर्तव्य क्षेत्र का विकास और जनसेवा — त्रिलोक चंद्र श्रीवास ग्राम महमंद में पाइपलाइन विस्तार एवं बोरिंग उत्खनन कार्य का भूमिपूजन, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
बिलासपुर। जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा दायित्व अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा करना, उनकी समस्याओं का समाधान करना तथा क्षेत्र के समग्र विकास और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य करना है। यही जनप्रतिनिधि की वास्तविक पहचान होती है। यह विचार वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने ग्राम पंचायत महमंद, विकासखंड बिल्हा में आयोजित पाइपलाइन विस्तार एवं बोरिंग उत्खनन कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि जनसेवा ही राजनीति का मूल उद्देश्य है। क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से ग्रामवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या, भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश महामंत्री सौरभ मौर्य तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत महमंद के सरपंच प्रतिनिधि विक्की निर्मलकर ने की।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता मोहन जायसवाल, मुकेश अग्रवाल, महेश मिश्रा, ग्राम पंचायत के पंच, उपसरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम महमंद पहुंचने पर सरपंच प्रतिनिधि विक्की निर्मलकर एवं सैकड़ों ग्रामीणों ने त्रिलोक चंद्र श्रीवास का आतिशबाजी, पुष्पहार एवं जोरदार नारों के साथ भव्य स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम में ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
ग्रामीणों ने पाइपलाइन विस्तार एवं बोरिंग उत्खनन कार्य को गांव के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा उम्मीद जताई कि भविष्य में भी क्षेत्र में इसी प्रकार विकास कार्यों को गति मिलती रहेगी।
