नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो : महमंद के विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त गांव बनाने का संकल्प

 महमंद। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद में समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विविध जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। व्याख्याता शांति सोनी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पूरे गांव में जागरूकता रैली निकाली और ग्रामीणों को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया।










विद्यालय परिसर से प्रारंभ हुई रैली ग्राम महमंद के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान विद्यार्थियों ने "नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो", "नशामुक्त गांव, समृद्ध गांव", "युवा बचाओ, भविष्य बचाओ" तथा "नशा त्यागो, राष्ट्र जागो" जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। रैली में शामिल छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं भी किसी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने परिवार एवं समाज को भी इस सामाजिक बुराई से मुक्त करने में सहयोग दें।

इस अवसर पर व्याख्याता शांति सोनी द्वारा संचालित "नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो" हस्ताक्षर अभियान को भी व्यापक जनसमर्थन मिला। विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को अभियान से जोड़ने, हस्ताक्षर करवाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्याख्याता शांति सोनी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार की खुशहाली, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के विकास को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक सोच को अपनाए, तो एक सशक्त एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में भी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरक की भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से अपने गांव को नशामुक्त बनाने, नशे के विरुद्ध जनजागरण चलाने तथा राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। विद्यालय द्वारा आयोजित यह जागरूकता अभियान सामाजिक चेतना, युवा शक्ति और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया, जिसकी ग्रामीणों ने भी मुक्तकंठ से सराहना की।