बिलासपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की भावना के अनुरूप शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महमंद की वरिष्ठ व्याख्याता शांति सोनी को प्रतिष्ठित समाचार पत्र "आज की जनधारा" के छठवें वर्षगांठ समारोह में विशेष सम्मान एवं अलंकरण से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाते हुए विभिन्न जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रदान किया गया। वर्षों से वे विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें सामाजिक सरोकारों, पर्यावरणीय जिम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
शांति सोनी द्वारा संचालित "नशा छोड़ो-जीवन जोड़ो" अभियान, जल संरक्षण एवं जल संचयन जनजागरूकता अभियान तथा मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन एवं जागरूकता अभियान ने हजारों विद्यार्थियों, महिलाओं एवं ग्रामीण नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से किशोरियों और महिलाओं के बीच स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं आत्मसम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उनके प्रयासों की व्यापक सराहना की गई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को आत्मसात करते हुए वे विद्यार्थियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना और जीवनोपयोगी कौशल विकसित करने पर विशेष बल देती हैं। उनके नेतृत्व में विद्यालय स्तर पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा सामुदायिक सहभागिता से जुड़े अनेक नवाचारपूर्ण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की किशोरियों एवं महिलाओं के लिए निःशुल्क सिलाई-कढ़ाई एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया है। उनके प्रयासों से अनेक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शांति सोनी एक ऐसी शिक्षिका हैं जिन्होंने शिक्षा को समाज निर्माण और जनजागरण का प्रभावी माध्यम बनाया है। वे विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का विकास करने के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने का सतत कार्य कर रही हैं।
सम्मान ग्रहण करते हुए शांति सोनी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी विद्यार्थियों, महिलाओं, सहयोगियों और जागरूक नागरिकों का है जो समाज को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से एक जागरूक, संवेदनशील, आत्मनिर्भर और उत्तरदायी समाज का निर्माण करना है।
शिक्षा, समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और जनजागरूकता के क्षेत्र में उनका सतत योगदान उन्हें क्षेत्र की एक विशिष्ट शिक्षाविद् एवं समाजसेवी के रूप में स्थापित करता है। उनका कार्य इस बात का जीवंत उदाहरण है कि एक समर्पित शिक्षक कक्षा की सीमाओं से आगे बढ़कर पूरे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की अलख जगा सकता है।



