बिलासपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर की वरिष्ठ व्याख्याता, समाजसेवी एवं पर्यावरण संरक्षण की प्रबल समर्थक शांति सोनी ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। "जलवायु परिवर्तन : संकट, कारण और निवारण" विषय पर लिखी गई उनकी चिंतनपरक एवं प्रेरणादायी रचना का चयन टेंपल ऑफ लिबरलाइजेशन एंड वेलफेयर एलाइड ट्रस्ट तथा परिवहन विशेष समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित किए जा रहे राष्ट्रीय साहित्यिक संकलन के लिए किया गया है।
देशभर के शिक्षाविदों, साहित्यकारों, शोधकर्ताओं एवं विद्वानों से आमंत्रित रचनाओं में से चयनित श्रेष्ठ लेखों को इस राष्ट्रीय संकलन में स्थान दिया जा रहा है। इनमें शांति सोनी की रचना का चयन उनके साहित्यिक कौशल, पर्यावरणीय चिंतन तथा सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण माना जा रहा है।
अपनी रचना में शांति सोनी ने जलवायु परिवर्तन को मानव सभ्यता के सामने खड़ी सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती बताते हुए बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, भीषण गर्मी, सूखा, बाढ़, पिघलते हिमनद तथा जैव विविधता के लगातार हो रहे क्षरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य, कृषि, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट है।
रचना में उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारणों में जीवाश्म ईंधनों का अत्यधिक उपयोग, वनों की अंधाधुंध कटाई, औद्योगिकीकरण, बढ़ते प्रदूषण, प्लास्टिक एवं रासायनिक अपशिष्ट तथा ग्रीनहाउस गैसों के बढ़ते उत्सर्जन को जिम्मेदार बताया है। वहीं समाधान के रूप में सौर एवं पवन ऊर्जा का अधिक उपयोग, व्यापक वृक्षारोपण, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तथा Reduce, Reuse, Recycle (3R) जैसी जीवनशैली अपनाने पर विशेष बल दिया गया है।
शांति सोनी विगत कई वर्षों से शिक्षा, नारी सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता जागरूकता तथा सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उनकी लेखनी सदैव जनजागरूकता, नैतिक मूल्यों और समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे समाज को सकारात्मक दिशा मिलती रही है।
उल्लेखनीय है कि चयनित रचनाओं में महमंद की विदुषी व्याख्याता एवं पर्यावरण मित्र सम्मान से सम्मानित शांति सोनी की रचना को विशेष स्थान मिला है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि महमंद, बिल्हा, बिलासपुर जिले और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
राष्ट्रीय साहित्यिक संकलन का भव्य विमोचन 27 जून 2026 (शनिवार) को किया जाएगा। शांति सोनी की इस उपलब्धि पर शिक्षकों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।
