सुशासन तिहार में गरजीं स्मृति त्रिलोक श्रीवास, पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था पर अधिकारियों को घेरा “जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन” – स्मृति त्रिलोक श्रीवास

 बिलासपुर/बेलतरा, 8 जून। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नगोई में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन तिहार शिविर उस समय चर्चा का केंद्र बन गया जब जिला पंचायत सदस्य श्रीमती स्मृति त्रिलोक श्रीवास ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर मंच से अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने पेयजल संकट, विद्युत आपूर्ति, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खुलकर अपनी बात रखी और अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अब भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।










कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक श्रीवास, जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्र के हजारों नागरिक उपस्थित रहे।

20 वर्षों के अनुभव का हवाला देते हुए उठाए तीखे सवाल

अपने संबोधन में स्मृति त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि वे पिछले लगभग दो दशकों से पंचायती राज व्यवस्था के विभिन्न पदों पर जनता का प्रतिनिधित्व करती आ रही हैं। इस लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अनेक चुनौतियां देखी हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों में जिस प्रकार पेयजल, बिजली और राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याएं बढ़ी हैं, वैसी स्थिति पहले कभी नहीं रही।

उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर चुका है। कई गांवों में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं, वहीं विद्युत आपूर्ति की अनियमितता के कारण किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

पेयजल और बिजली की समस्या को बताया सबसे गंभीर

जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि बेलतरा क्षेत्र के अनेक गांवों में पेयजल व्यवस्था चरमराई हुई है। हैंडपंप खराब हैं, जल योजनाओं का संचालन प्रभावित है और ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। उन्होंने अधिकारियों से तत्काल प्रभाव से बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की।

केंद्रीय जेल निर्माण से प्रभावित किसानों के लिए रास्ते की मांग

स्मृति श्रीवास ने बैमा क्षेत्र में निर्माणाधीन केंद्रीय जेल का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जेल निर्माण के कारण आसपास के किसानों के आवागमन पर असर पड़ा है। विशेष रूप से खपराखोल क्षेत्र के किसानों को खेतों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों के लिए वैकल्पिक एवं सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था तत्काल की जाए ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो और ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

ग्राम पंचायतों को बिलासपुर तहसील में शामिल रखने की मांग

उन्होंने ग्राम पंचायत बैमा, नगोई, सेलर, परसदा और पोसरा सहित आसपास के कई गांवों को बिलासपुर तहसील में ही बनाए रखने की मांग करते हुए कहा कि प्रशासनिक सुविधाओं और जनसुविधा को देखते हुए यह आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्णय लेने से पहले ग्रामीणों की भावनाओं और उनकी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

महामाया मंदिर के उन्नयन और सड़क चौड़ीकरण की मांग

स्मृति त्रिलोक श्रीवास ने क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था से जुड़े बैमा-नगोई स्थित महामाया मंदिर के उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए मंदिर परिसर का विकास और आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने मंदिर तक पहुंचने वाली सड़कों के चौड़ीकरण, मरम्मत और बेहतर यातायात सुविधाओं की भी मांग की ताकि श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिल सके।

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी उठाई आवाज

जिला पंचायत सदस्य ने क्षेत्र के कई विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, बाउंड्री वॉल, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, पर्याप्त चिकित्सक एवं स्टाफ की नियुक्ति तथा स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।

अधिकारियों को दी आंदोलन की चेतावनी

अपने संबोधन के दौरान स्मृति त्रिलोक श्रीवास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह संबंधित विभागों और अधिकारियों के लिए अंतिम अवसर है। यदि अब भी मांगों पर गंभीरता से कार्य नहीं किया गया और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल समस्याएं बताना नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करना भी है और वे इस जिम्मेदारी को पूरी मजबूती से निभाती रहेंगी।

हजारों नागरिकों की उपस्थिति में गूंजा जनहित का मुद्दा

सुशासन तिहार शिविर में क्षेत्र के हजारों नागरिकों, पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी विभिन्न समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा और उनके निराकरण की मांग की।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्मृति त्रिलोक श्रीवास द्वारा क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से उठाए जाने की सराहना की तथा उम्मीद जताई कि प्रशासन इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करेगा।

सुशासन तिहार के मंच से उठी यह आवाज अब बेलतरा क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।