विश्व मधुमेह दिवस पर विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, योग एवं डिजिटल माध्यम से दी गई जागरूकता की जानकारी

 बिलासपुर। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर में विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में व्याख्याता एवं योग प्रशिक्षिका शांति सोनी ने विद्यार्थियों को मधुमेह (डायबिटीज), हृदयाघात (हार्ट अटैक), संतुलित जीवनशैली तथा योग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।














कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को डिजिटल क्लास के माध्यम से मधुमेह के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार संबंधी वैज्ञानिक जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि अनियंत्रित डायबिटीज किस प्रकार शरीर के विभिन्न अंगों, विशेषकर हृदय, गुर्दे, आंखों और तंत्रिकाओं को प्रभावित करती है। विद्यार्थियों को हार्ट अटैक के प्रमुख कारण, शुरुआती लक्षण, आपातकालीन स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों तथा मधुमेह और हृदय रोग के बीच संबंध की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

शांति सोनी ने बताया कि आज की बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता के कारण मधुमेह तेजी से बढ़ रहा है। यदि समय रहते नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, योग, प्राणायाम और ध्यान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए तो इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है।

विद्यालय में स्वास्थ्य एवं कल्याण (Health & Wellness) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास कराया जाता है। इस दौरान सूर्य नमस्कार, अर्धमत्स्येन्द्रासन, वज्रासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन सहित अनुलोम-विलोम, नाड़ी शोधन, भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। विद्यार्थियों को इन योग क्रियाओं के माध्यम से अग्न्याशय को सक्रिय रखने, शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने तथा मानसिक तनाव कम करने के लाभ भी बताए गए।

कार्यक्रम में संतुलित एवं पौष्टिक भोजन के महत्व पर भी विशेष बल दिया गया। विद्यार्थियों को हरी सब्जियां, फल, अंकुरित अनाज, पर्याप्त जल सेवन तथा जंक फूड से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। साथ ही प्रतिदिन कम से कम 20 मिनट ध्यान और नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित योग करने, संतुलित आहार लेने तथा स्वयं जागरूक रहकर परिवार और समाज को भी मधुमेह एवं अन्य जीवनशैली जनित रोगों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

शांति सोनी ने कहा, "योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति है। यदि विद्यार्थी अभी से योग और स्वास्थ्य के प्रति सजग हो जाएं, तो भविष्य में मधुमेह, मोटापा एवं हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।"

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना, नियमित योग की आदत डालना तथा स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल करना रहा।