पाटलिपुत्र संस्कृत विकास मंच की नई कार्यकारिणी का भव्य शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न संस्कृति से समाज को जोड़ने का संकल्प, नए भारत के सपनों को साकार करेगा पाटलिपुत्र मंच : तोखन साहू

 बिलासपुर। छठ घाट परिसर रविवार की रात सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का अद्भुत केंद्र बन गया। हजारों श्रद्धालुओं, समाजजनों और गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति में पाटलिपुत्र संस्कृत विकास मंच की नवगठित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रवीण झा सहित पूरी कार्यकारिणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।





















इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि "संस्कृति समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी शक्ति है। पाटलिपुत्र मंच वर्षों से सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। नई कार्यकारिणी सेवा, संस्कार और समर्पण के भाव से कार्य करते हुए नए भारत के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।" उन्होंने समाजसेवी प्रवीण झा की रामलला यात्रा और समाज के प्रति उनके समर्पण की भी सराहना की।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के साथ बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, केंद्रीय जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश सिंह, महापौर पूजा विधानी, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, एस.पी. सिंह, वी.एन. झा, पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र दास एवं सचिव सुधीर झा मंचासीन रहे।

प्रवीण झा ने दिलाया सर्वसमाज को साथ लेकर चलने का भरोसा

नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रवीण झा ने अपने संबोधन की शुरुआत "जय श्रीराम" के उद्घोष से करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र मंच केवल किसी एक समाज का नहीं बल्कि पूरे शहर और सभी समाजों का साझा सांस्कृतिक मंच है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व बिहार और उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर है। मंच आने वाले समय में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का और अधिक विस्तार करेगा।

संघर्ष से शिखर तक पहुंची पाटलिपुत्र मंच की यात्रा

बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने मंच की संघर्षपूर्ण यात्रा को याद करते हुए कहा कि एक छोटे से टेंट से शुरू हुई पहल आज राष्ट्रीय पहचान बना चुकी है। छठ घाट और छठ महापर्व की चर्चा अब देशभर में होती है, जो मंच के कार्यकर्ताओं और समाजजनों की वर्षों की मेहनत का परिणाम है।

नई टीम से संस्कृति संरक्षण की उम्मीद

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि मंच के नाम में ही सांस्कृतिक विकास का संदेश निहित है। नई कार्यकारिणी एकजुट होकर समाज और संस्कृति के उत्थान के लिए कार्य करेगी। वहीं तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि पाटलिपुत्र मंच ने बिलासपुर को नई सांस्कृतिक पहचान दिलाई है और छठ महापर्व को जन-जन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

26 वर्षों की गौरवशाली यात्रा

करीब 26 वर्ष पूर्व शुरू हुई पाटलिपुत्र मंच की यात्रा आज बिलासपुर की प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं में शामिल हो चुकी है। छठ महापर्व के सफल आयोजन और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से मंच ने समाज में विशिष्ट पहचान बनाई है। नई कार्यकारिणी ने इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

सांस्कृतिक एकता का बना संदेश

कार्यक्रम में विभिन्न समाजों, वर्गों और आयु समूहों के लोगों की बड़ी भागीदारी रही। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उपस्थिति ने आयोजन को पारिवारिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बना दिया। वक्ताओं ने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम हैं।

छठ घाट को मिलेगा नया स्वरूप

नई कार्यकारिणी ने छठ घाट परिसर को और अधिक आकर्षक, सुविधायुक्त एवं वर्षभर सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। पदाधिकारियों ने बताया कि विभिन्न समाजों के सहयोग से इस स्थल को छत्तीसगढ़ के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

शपथ ग्रहण समारोह में समाज के वरिष्ठजन, गणमान्य नागरिक, युवा, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में सांस्कृतिक गौरव, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।