आदिवासी समाज को प्रताड़ित कर रही भाजपा सरकार : दीपक बैज भाजपा आदिवासियों को ‘वनवासी’ बताकर जल, जंगल और जमीन पर उनके अधिकार छीनना चाहती है : दीपक बैज
रायपुर, 02 जून 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने कहा है कि भाजपा सरकार की नीतियों से आदिवासी समाज का भरोसा उठता जा रहा है। प्रदेशभर में आदिवासी समुदाय अपने जल, जंगल, जमीन और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलनरत है। बालोद में 10 हजार से अधिक आदिवासी समाज के लोगों द्वारा कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर देर रात तक धरना देना इस बढ़ते आक्रोश का प्रमाण है। इससे पहले कवर्धा में भी आदिवासी समाज अपनी बेटियों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर प्रदर्शन कर चुका है।
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा शासन में सुनियोजित तरीके से आदिवासी समाज और उनकी संस्कृति पर लगातार हमले हो रहे हैं। सरकार जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के नैसर्गिक एवं संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। पेसा कानून को प्रभावहीन बनाया जा रहा है तथा वन अधिकार कानून के प्रावधानों को कमजोर कर आदिवासियों को उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिशें की जा रही हैं। कांग्रेस पार्टी इन प्रयासों का पुरजोर विरोध करती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हसदेव, तमनार, बैलाडीला और बस्तर सहित प्रदेश के अनेक वन क्षेत्रों पर बड़े उद्योगपतियों की नजर है। इसी कारण आदिवासी समाज को अपनी जमीन, जंगल और संस्कृति के अस्तित्व पर खतरा महसूस हो रहा है। यही वजह है कि प्रदेशभर में आदिवासी समाज संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य का मुख्यमंत्री आदिवासी समाज से होने के बावजूद आदिवासियों को न्याय और सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। विशेष रूप से संरक्षित जनजातियों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद अमेरा, खैरागढ़, कवर्धा, हसदेव, तमनार, बैलाडीला, हाहालदी सहित अनेक क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की सहमति के बिना उन्हें विस्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल, जंगल और जमीन को उद्योगपतियों के हित में सौंपने की नीति अपनाई जा रही है। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी नीति का लगातार विरोध करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहकर उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। आदिवासी समाज की अस्मिता, परंपरा और पहचान से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। आदिवासी समाज की पहचान, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी हमेशा संघर्ष करती रहेगी।
सुशील आनंद शुक्ला
प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस संचार विभाग
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
