संघर्ष, मेहनत और सपनों की उड़ान : महिमा देवांगन की प्रेरणादायक कहानी, 3 जुलाई को रिलीज होगी फिल्म "पप्पू के शादी में भारी टेंशन"

 कोरबा/जांजगीर-चांपा।

छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग लगातार नई प्रतिभाओं को मंच दे रहा है। इन्हीं उभरते कलाकारों में एक नाम है महिमा देवांगन, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के बल पर आज छत्तीसगढ़ी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। आगामी 3 जुलाई 2026 को रिलीज होने जा रही बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी फिल्म "पप्पू के शादी में भारी टेंशन" में महिमा देवांगन मुख्य अभिनेत्री की भूमिका में नजर आएंगी।













फिल्म के रिलीज से पहले शालिनी राकेश न्यूज़ एजेंसी के लिए पत्रकार राकेश कुमार साहू ने अभिनेत्री महिमा देवांगन से विशेष बातचीत की। इस दौरान महिमा ने अपने जीवन, संघर्ष, परिवार, शिक्षा, अभिनय यात्रा और भविष्य के सपनों को बेहद सहजता और आत्मीयता के साथ साझा किया।

कोरबा की बेटी, छत्तीसगढ़ की उभरती कलाकार

महिमा देवांगन ने बताया कि उनका जन्म और पालन-पोषण कोरबा जिले में हुआ। साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी महिमा के परिवार में माता-पिता और दो भाई हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन माता-पिता ने हमेशा बच्चों की शिक्षा और सपनों को प्राथमिकता दी।

महिमा बताती हैं कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा ज्ञान अंजली विद्या मंदिर, कोरबा में हुई। इसके बाद वे अपनी नानी के गांव चांपा चली गईं, जहां उन्होंने शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चांपा से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए वे फिर कोरबा लौटीं और शासकीय इंजीनियर विश्वेश्वरैया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोरबा से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। शिक्षा के प्रति उनकी लगन यहीं नहीं रुकी और उन्होंने ज्योति भूषण प्रताप सिंह लॉ कॉलेज, कोरबा से एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की।

NSS से शुरू हुआ अभिनय का सफर

महिमा बताती हैं कि कॉलेज के दिनों में वे राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) से जुड़ी थीं। विभिन्न शिविरों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वे छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति, नृत्य और गीतों का प्रदर्शन करती थीं। इन्हीं कार्यक्रमों में कुछ वरिष्ठ कलाकारों की नजर उन पर पड़ी और उन्हें शूटिंग में काम करने का अवसर मिला।

शुरुआत में वे काफी संकोच में थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक माहौल को देखते हुए अभिनय क्षेत्र में कदम रखना आसान नहीं था। उनकी माता एक दुकान में काम करती थीं और पिता एक प्लांट में कार्यरत थे, जो बाद में बंद हो गया। वर्तमान में उनका परिवार तहसील कार्यालय के पास एक छोटा होटल संचालित करता है।

पहली शूटिंग और किस्मत का बड़ा मोड़

महिमा बताती हैं कि जब पहली बार उन्हें शूटिंग के लिए बुलाया गया, तब उन्हें सिर्फ बैकग्राउंड कलाकार का रोल दिया गया था। लेकिन शूटिंग के दौरान अचानक परिस्थितियां बदलीं और उन्हें मुख्य अभिनेत्री का किरदार निभाने का मौका मिल गया।

"शुरू में बहुत डर लग रहा था, लेकिन मैंने खुद पर भरोसा किया और वह अवसर स्वीकार कर लिया। शायद वही फैसला मेरे जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ," महिमा मुस्कुराते हुए बताती हैं।

उनका पहला प्रोजेक्ट एक छत्तीसगढ़ी कर्मा गीत था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। यही उनके अभिनय करियर की वास्तविक शुरुआत बनी।

परिवार की खुशी बनी सबसे बड़ी ताकत

महिमा कहती हैं कि जब उनके माता-पिता ने पहली बार उन्हें स्क्रीन पर देखा, तो उनकी आंखों में खुशी साफ दिखाई दे रही थी। माता-पिता की वही खुशी उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन गई।

धीरे-धीरे उन्हें कई एल्बम और म्यूजिक वीडियो के प्रस्ताव मिलने लगे। इसी दौरान उन्हें The ADM Production के साथ काम करने का अवसर मिला और आनंद सर के निर्देशन में उन्होंने कई यादगार प्रोजेक्ट किए।

"ए राजा मोर शिकारी बैरी" ने दिलाई नई पहचान

महिमा के करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा गीत "ए राजा मोर शिकारी बैरी"। यह गीत आज भी उनके दिल के बेहद करीब है। वे कहती हैं कि जब भी वे मानसिक रूप से परेशान होती हैं, यह गीत उन्हें सुकून देता है।

इस गीत के माध्यम से उन्हें दर्शकों और सोशल मीडिया पर व्यापक पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कई सफल प्रोजेक्ट्स में काम किया और लगातार आगे बढ़ती रहीं।

लॉकडाउन में भी नहीं रुका संघर्ष

कोरोना लॉकडाउन के दौरान जब अधिकांश कलाकार घरों में थे, तब भी महिमा ने हार नहीं मानी। आनंद सर ने उन्हें छोटे-छोटे अभिनय अभ्यास और स्क्रिप्ट भेजीं। महिमा घर पर वीडियो बनाकर भेजती रहीं।

उनकी मेहनत और लगन को देखते हुए टीम ने उनके साथ "लॉकडाउन में बिहाव 3" सहित कई कॉमेडी वीडियो बनाए, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया।

"दर्दे दिल के दर्द" से मिली बड़ी लोकप्रियता

साल 2023 में महिमा को श्याम म्यूजिक प्रोडक्शन से एक नए गीत का प्रस्ताव मिला। गीत का नाम था "दर्दे दिल के दर्द"।

महिमा बताती हैं कि गीत का मुखड़ा सुनते ही उन्होंने बिना देर किए हां कह दिया। रिलीज के बाद यह गीत सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ। दर्शकों ने महिमा और झरनेश साहू की जोड़ी को बेहद पसंद किया। हजारों रील्स बनीं, डांस स्टेप्स कॉपी किए गए और लोगों का भरपूर प्यार मिला।

इसके बाद दोनों कलाकारों ने "मोंगरा मोंगरा" सहित कई सफल प्रोजेक्ट्स में साथ काम किया।

कमजोरी को ताकत में बदलने की कहानी

महिमा खुलकर स्वीकार करती हैं कि अभिनय के शुरुआती दौर में उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी भावनात्मक दृश्यों में होती थी। वे रो नहीं पाती थीं और अपने किरदार की भावनाओं को पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पाती थीं।

इसी कमी को दूर करने के लिए उन्होंने रायपुर में आयोजित इंद्रावती एंटरटेनमेंट एक्टिंग वर्कशॉप में हिस्सा लिया।

वह कहती हैं, "वह सात दिन मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक थे। वहां मैंने सीखा कि अभिनय केवल संवाद बोलना नहीं, बल्कि किरदार को जीना होता है।"

वर्कशॉप में उन्हें स्क्रिप्ट पढ़ना, चरित्र को समझना, भावनाओं को व्यक्त करना और कैमरे के सामने आत्मविश्वास के साथ अभिनय करना सिखाया गया। विशेष रूप से आकाश सोनी सर के मार्गदर्शन ने उनके करियर को नई दिशा दी।

फिल्म तक पहुंचने का सफर

वर्कशॉप के बाद महिमा को कई नए अवसर मिलने लगे। इसी दौरान उन्हें एक गीत की शूटिंग के लिए रायपुर बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात फिल्म "पप्पू के शादी में भारी टेंशन" के निर्देशक से हुई।

कुछ समय बाद फिल्म के लिए ऑडिशन आयोजित किया गया और महिमा ने उसमें भाग लिया। अपनी प्रतिभा के दम पर वे चयनित हो गईं।

महिमा कहती हैं, "जिस दिन मेरा चयन हुआ, वह मेरी जिंदगी के सबसे खुशी वाले दिनों में से एक था। मेरे परिवार की खुशी देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए थे।"

उनकी खुशी तब और बढ़ गई जब उन्हें पता चला कि फिल्म के मुख्य अभिनेता झरनेश साहू हैं, जिनके साथ वे पहले भी कई सफल प्रोजेक्ट्स कर चुकी थीं।

दर्शकों से विशेष अपील

महिमा देवांगन ने छत्तीसगढ़ के सभी दर्शकों से अपील करते हुए कहा—

"जय जोहार संगवारी हो। आप मन के मया-दुलार अउ आशीर्वाद लेच आज मैं इहां तक पहुंच पाएंव। 3 जुलाई 2026 ला रिलीज होवत हमर फिल्म 'पप्पू के शादी में भारी टेंशन' ला अपन परिवार संग जरूर देखव। आप मन के प्यार ही हमर सबसे बड़े ताकत हवय।"

छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने का सपना

महिमा का सपना है कि वे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग की सफल कलाकार बनें और अपनी कला के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएं।

संघर्ष से सफलता तक का उनका सफर आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। साधारण परिवार की बेटी महिमा देवांगन ने साबित कर दिया है कि यदि सपनों के साथ मेहनत और आत्मविश्वास जुड़ जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।

रिपोर्ट : राकेश कुमार साहू

विशेष संवाददाता

शालिनी राकेश न्यूज़ एजेंसी, छत्तीसगढ़