अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर शांति सोनी का नशामुक्ति संदेश, 20 हजार हस्ताक्षर अभियान बना जनआंदोलन
बिलासपुर। अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर व्याख्याता, समाजसेवी एवं नारी सशक्तिकरण प्रेरक शांति सोनी ने समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को कमजोर करता है। स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का नशामुक्त होना अत्यंत आवश्यक है।
शांति सोनी द्वारा संचालित "नशा छोड़ो – जीवन जोड़ो" जन-जागरूकता अभियान आज एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। अभियान के अंतर्गत अब तक लगभग 55 शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा नागरिकों को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाया जा चुका है। विद्यालयों में जागरूकता सभाएँ, शपथ ग्रहण, रैलियाँ, नुक्कड़ नाटक, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 20 हजार हस्ताक्षर नशामुक्ति संकल्प अभियान है, जिसके माध्यम से हजारों विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं एवं नागरिकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया है।
इस अभियान की शुरुआत बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल के हस्ताक्षर से हुई थी। इसके बाद ग्राम पंचायत महमंद की प्रथम महिला सरपंच पूजा विकी निर्मलकर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अभियान को समर्थन दिया। महमंद में जन-जागरूकता रैली भी आयोजित की गई। अभियान की प्रभावशीलता को देखते हुए यह पहल अब रायगढ़, जशपुर, कुनकुरी सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों तक पहुँच चुकी है।
शांति सोनी ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए परिवार, विद्यालय, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक सोच को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि "एक जागरूक विद्यार्थी, एक सशक्त परिवार और एक नशामुक्त समाज ही विकसित भारत की आधारशिला है।"
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें, ताकि स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सके।
संदेश :
"नशा छोड़ो – जीवन जोड़ो,
युवा बचाओ – राष्ट्र गढ़ो।"

