शिक्षा, नवाचार एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु शांति सोनी को मिला 'राष्ट्रीय कम्मू गौरव सम्मान 2026'
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के विकासखंड बिल्हा अंतर्गत शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महमंद में पदस्थ वरिष्ठ व्याख्याता शांति सोनी को शिक्षा, नवाचार, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'राष्ट्रीय कम्मू गौरव सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके वर्षों से किए जा रहे नवाचारपूर्ण शैक्षणिक कार्यों, सामाजिक सरोकारों तथा जनहित के अभियानों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान का प्रतीक है।
शांति सोनी ने शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बनाया है। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय में अनेक नवाचारी गतिविधियों का सफल संचालन किया गया, जिनसे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नैतिक मूल्यों का विकास हुआ। उन्होंने विद्यालय को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उनके नेतृत्व में नारी सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं सामाजिक चेतना जैसे विषयों पर लगातार प्रभावी अभियान संचालित किए गए हैं। इन अभियानों ने विद्यार्थियों के साथ-साथ ग्रामीण समुदाय में भी सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया है।
विशेष रूप से उनके द्वारा संचालित "नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो" जनजागरण अभियान ने हजारों युवाओं और नागरिकों को नशामुक्त एवं सकारात्मक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान के अंतर्गत हस्ताक्षर अभियान, जागरूकता रैलियाँ, नुक्कड़ नाटक, शपथ कार्यक्रम, जनसंवाद एवं विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से समाज तक प्रभावी संदेश पहुँचाया गया। वहीं जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा को लेकर चलाए गए अभियानों ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों में प्रकृति संरक्षण के प्रति नई चेतना का संचार किया।
राष्ट्रीय कम्मू गौरव सम्मान 2026 से सम्मानित होने पर क्षेत्र के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों में हर्ष और गौरव का वातावरण है। यह सम्मान केवल शांति सोनी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बिलासपुर जिले तथा छत्तीसगढ़ की शिक्षा एवं समाजसेवा की समृद्ध परंपरा का भी सम्मान है। उनकी यह उपलब्धि शिक्षा और समाजहित में कार्य कर रहे सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर कार्य करने का संदेश देगी।
