व्याख्याता शांति सोनी की अभिनव पहल : 20 हजार महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूक करने के लक्ष्य के साथ मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता एवं हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ
बिलासपुर। महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान, स्वच्छता और सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर में एक महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी पहल की शुरुआत की गई। विद्यालय की व्याख्याता श्रीमती शांति सोनी के नेतृत्व में "मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन जागरूकता एवं हस्ताक्षर अभियान" का शुभारंभ ग्राम पंचायत महमंद की सरपंच श्रीमती पूजा विक्की निर्मलकर के करकमलों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, महिला समूहों एवं ग्रामीण नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। इस अवसर पर मिडिल स्कूल महमंद की प्रधान पाठिका श्रीमती पुष्पा शर्मा का विशेष सहयोग एवं योगदान उल्लेखनीय रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्याख्याता श्रीमती शांति सोनी ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं एवं किशोरियों के जीवन की एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, किंतु आज भी समाज के अनेक हिस्सों में इससे जुड़े मिथक, भ्रांतियां, संकोच और गलत धारणाएं व्याप्त हैं। इन सामाजिक वर्जनाओं के कारण अनेक किशोरियां आवश्यक जानकारी एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाती हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी सोच को बदलने तथा वैज्ञानिक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत की गई है।
अभियान के अंतर्गत छात्राओं, महिलाओं एवं ग्रामीणों को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा, संक्रमण से बचाव, सुरक्षित एवं स्वच्छ साधनों के उपयोग तथा मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही मासिक धर्म से जुड़े अंधविश्वासों, सामाजिक भेदभाव एवं गलत मान्यताओं के दुष्परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों, महिलाओं एवं ग्रामीण नागरिकों ने हस्ताक्षर कर यह संकल्प लिया कि वे मासिक धर्म से जुड़े भ्रमों को दूर करने, स्वच्छता को बढ़ावा देने तथा महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य और सम्मान के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित करने हेतु सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इस अभियान की सबसे विशेष बात इसका व्यापक लक्ष्य है। व्याख्याता श्रीमती शांति सोनी ने आगामी समय में 20,000 महिलाओं, किशोरियों एवं ग्रामीण नागरिकों को इस जागरूकता एवं हस्ताक्षर अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों, युवा संगठनों एवं ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके।
ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह पहल एक प्रेरणादायी कदम साबित हो रही है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणजनों ने श्रीमती शांति सोनी के इस प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे महिला स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता, लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनुकरणीय अभियान बताया।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने यह प्रण लिया कि प्रत्येक किशोरी एवं महिला को स्वास्थ्य, स्वच्छता, सम्मान और जागरूकता का अधिकार दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे तथा समाज में मासिक धर्म के प्रति सकारात्मक, वैज्ञानिक और संवेदनशील सोच विकसित की जाएगी।
व्याख्याता श्रीमती शांति सोनी की यह अभिनव पहल न केवल महिलाओं और किशोरियों को जागरूक करने का कार्य कर रही है, बल्कि एक स्वस्थ, जागरूक और संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


