कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन NGO द्वारा आश्रम में सेवा कार्य, बुजुर्गों के बीच भोजन वितरण कर दिया मानवता का संदेश
समाज सेवा और मानवता की मिसाल पेश करते हुए कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन NGO द्वारा आश्रम पहुँचकर निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद बुजुर्ग माता-पिता के बीच भोजन वितरण किया गया। इस सेवा कार्य के दौरान संस्था के सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ समय बिताया, उनका हालचाल जाना और उन्हें अपनापन महसूस कराया। संस्था की इस पहल से आश्रम का माहौल भावुक और आत्मीयता से भर उठा।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि आज के आधुनिक दौर में कई बुजुर्ग ऐसे हैं जिन्हें अपने ही परिवार से सहारा नहीं मिल पाता। ऐसे में समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह इन बुजुर्गों के जीवन में खुशियाँ लाने का प्रयास करे। इसी उद्देश्य को लेकर कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन लगातार सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
आश्रम में पहुँचते ही संस्था के सदस्यों ने सबसे पहले बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और उनके साथ आत्मीय संवाद किया। इसके बाद सभी बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक भोजन परोसा गया। भोजन वितरण के दौरान संस्था के सदस्य स्वयं सेवा करते नजर आए। बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान और संतोष साफ दिखाई दे रहा था। कई बुजुर्ग भावुक होकर संस्था के सदस्यों को आशीर्वाद देते नजर आए।
इस अवसर पर संस्था के सदस्यों ने कहा कि माता-पिता और बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। जिन्होंने अपना पूरा जीवन परिवार और समाज के लिए समर्पित किया, आज उनके जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें सम्मान, प्रेम और सहारे की सबसे अधिक आवश्यकता है। संस्था का प्रयास है कि ऐसे बुजुर्ग कभी खुद को अकेला महसूस न करें।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में आत्मीयता, सेवा और संवेदनाओं का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। संस्था के सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ बैठकर भोजन किया, उनसे बातचीत की और उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान कई बुजुर्गों ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए, जिसे सुनकर सभी भावुक हो उठे।
कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन NGO द्वारा किए गए इस सेवा कार्य की स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी सराहना की। लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे सेवा भाव से जुड़े कार्य लगातार होते रहने चाहिए ताकि जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को सहारा मिल सके।
संस्था ने आगे भी निरंतर सेवा कार्य, जरूरतमंदों की सहायता, बुजुर्गों की देखभाल एवं सामाजिक जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। संस्था के पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने आसपास किसी एक जरूरतमंद की मदद करने का संकल्प ले ले, तो समाज में कोई भी व्यक्ति अकेला और असहाय महसूस नहीं करेगा।
कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन NGO की इस मानवीय पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सच्ची सेवा वही है, जिसमें निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया जाए। बुजुर्गों के बीच भोजन वितरण कर संस्था ने न केवल उनकी भूख मिटाई, बल्कि उन्हें सम्मान, अपनापन और परिवार जैसा स्नेह भी दिया।


