कर्म प्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन का सराहनीय पहल : सरोना तालाब में चला स्वच्छता अभियान, जलीय जीवों की सेवा कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश “स्वच्छता ही सेवा है, जीव सेवा ही सच्ची मानव सेवा” के संकल्प के साथ समाजसेवा हेतु आगे आया संगठन

 समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कर्म प्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा सरोना तालाब में विशेष स्वच्छता एवं जीव सेवा अभियान आयोजित किया गया। रविवार, 24 मई 2026 को सायंकाल 4 बजे आयोजित इस पुनीत कार्यक्रम में फाउंडेशन के सदस्यगण, पदाधिकारीगण, अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तालाब की साफ-सफाई तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता जागरूकता और जीवों के प्रति करुणा का संदेश देना भी था।











कार्यक्रम के दौरान सरोना तालाब परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर प्लास्टिक, कचरा एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया गया। उपस्थित सदस्यों ने तालाब की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लेते हुए लोगों से भी अपील की कि वे जलस्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। अभियान के दौरान जलीय जीवों को दाना खिलाकर जीव सेवा का संदेश भी दिया गया, जिसने कार्यक्रम को और अधिक भावनात्मक एवं प्रेरणादायी बना दिया।

कर्म प्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रकृति और जीव-जंतुओं की सेवा करना मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। आज के समय में लगातार बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय संकट को देखते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होने की आवश्यकता है। जलाशयों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि हम अपने आसपास के जलस्रोतों को स्वच्छ रखेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि तालाब और जलाशय केवल जल का स्रोत नहीं होते, बल्कि जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के महत्वपूर्ण आधार भी हैं। जलीय जीवों का संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशीलता हमें प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का पाठ पढ़ाती है। कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने यह संदेश दिया कि समाज सेवा केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक जीव और प्रकृति के प्रति दया एवं जिम्मेदारी का भाव रखना आवश्यक है।

अभियान के दौरान उपस्थित युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में कुछ समय अपने आसपास की साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित करे, तो समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि नई पीढ़ी पर्यावरण और सामाजिक उत्तरदायित्व को लेकर सजग हो रही है।

कार्यक्रम का वातावरण सेवा, समर्पण और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण रहा। तालाब किनारे स्वच्छता अभियान के साथ-साथ लोगों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने, जल संरक्षण करने और जीवों के प्रति दयाभाव रखने की भी प्रेरणा दी गई। उपस्थित लोगों ने “स्वच्छता ही सेवा है — जीव सेवा ही सच्ची मानव सेवा है” के संदेश को आत्मसात करते हुए समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

कर्म प्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियान चलाती रहेगी। संस्था का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच का निर्माण करना भी है।

अंत में सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे अपने शहर, जलस्रोतों और पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे तथा लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

“आओ मिलकर दीप जलाएँ, स्वच्छ धरा का मान बढ़ाएँ,

जल, जंगल और जीव बचाकर, मानवता का धर्म निभाएँ।

सेवा, संवेदना और संस्कार से समाज में प्रकाश फैलाएँ,

प्रकृति रक्षा के इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाएँ।”