विजयपुर किला में माता काली कंकाली एवं धर्मगुरु पहन्दी पारी कुपार लिंगो की प्रतिमा स्थापना हेतु भूमि पूजन संपन्न
तखतपुर। सर्व आदिवासी समाज तखतपुर के तत्वावधान में विजयपुर किला परिसर में आदिवासी संस्कृति, परंपरा एवं आस्था के प्रतीक माता काली कंकाली तथा आदिवासी धर्मगुरु पहन्दी पारी कुपार लिंगो जी की प्रतिमा स्थापना के लिए विधिवत भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। धार्मिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं समाज के वरिष्ठजनों ने आदिवासी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास और महान विभूतियों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। प्रतिमा स्थापना से समाज की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी तथा युवाओं को अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा प्राप्त होगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष श्री कुंदन ठाकुर ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और महापुरुषों का सम्मान समाज की एकता और मजबूती का आधार है। उन्होंने कहा कि माता काली कंकाली एवं पहन्दी पारी कुपार लिंगो जी की प्रतिमा स्थापना समाज के लिए गौरव का विषय है और यह स्थल आने वाले समय में सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज तखतपुर के अध्यक्ष श्री कुंवर सिंह मार्को ने सभी समाजजनों को भूमि पूजन कार्यक्रम की सफलतापूर्वक आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि समाज की सहभागिता और एकजुटता से ही ऐसे महत्वपूर्ण कार्य संभव हो पाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिमा स्थापना का मुख्य कार्यक्रम 9 जून को आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित जिलाध्यक्ष युवा प्रभाग बिलासपुर श्री लव सिंह सिदार एवं संयुक्त सचिव बिलासपुर श्री नितिन प्रधान ने भी समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए।
भूमि पूजन कार्यक्रम में शुभम मरावी, भारत मरकाम (जनपद सदस्य), दादू सिंह नेटी, शिव प्रसाद ध्रुव, रामेश्वर ध्रुव, तुकाराम ध्रुव, दिलहरण ध्रुव, जलस राम ध्रुव, कलश राम ध्रुव, बाबूलाल सहित जय आदिवासी सेवा समिति एवं गोंड महासभा के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान समाजजनों में उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने प्रतिमा स्थापना कार्य को समाज के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसे आदिवासी संस्कृति और पहचान को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
9 जून को होने वाले प्रतिमा स्थापना समारोह में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में समाजजनों के शामिल होने की संभावना है, जिससे यह आयोजन आदिवासी समाज के सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकता का एक भव्य उदाहरण बनेगा।

