भोजली चौक एवं भोजली माता की प्रतिमा स्थापना की मांग, महापौर से मिला भोजली महोत्सव समिति का प्रतिनिधिमंडल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारंपरिक पर्वों को संरक्षित एवं बढ़ावा देने की दिशा में भोजली महोत्सव समिति तोरवा, बिलासपुर के सदस्यों ने नगर निगम महापौर पूजा विधानी से विकास भवन में मुलाकात कर तोरवा क्षेत्र में “भोजली चौक” तथा भोजली माता की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग रखी।
समिति ने बताया कि तोरवा स्थित गुंबर पेट्रोल पंप धान मंडी चौक, वार्ड क्रमांक 41 वर्तमान में धान मंडी चौक के नाम से जाना जाता है। यह स्थान वर्षों से लोक आस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रतिवर्ष यहां से सैकड़ों महिलाओं की टोली भोजली विसर्जन, गौरा-गौरी सहित अन्य धार्मिक एवं पारंपरिक विसर्जन यात्रा निकालकर भोजली घाट एवं छठ घाट तोरवा तक पहुंचती है।
समिति के सदस्यों ने कहा कि भोजली महोत्सव समिति द्वारा प्राचीन लोक कला, संस्कृति और पारंपरिक पर्वों की विरासत को आज भी जीवंत रखा गया है। वर्तमान में तोरवा क्षेत्र के चौक-चौराहों एवं सड़कों का चौड़ीकरण और उन्नयन कार्य किया जा रहा है। ऐसे में क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के उद्देश्य से भोजली चौक एवं भोजली माता स्वरूप प्रतिमा की स्थापना अत्यंत आवश्यक है।
भोजली महोत्सव समिति बिलासपुर के अध्यक्ष शंकर यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारंपरिक लोक पर्व भोजली हमारी पहचान और गौरव का प्रतीक है। आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जोड़ने के लिए ऐसे सांस्कृतिक स्थलों का निर्माण जरूरी है।
इस दौरान समिति के सदस्य घनश्याम रजक, चंदन यादव, हजारी सूर्यवंशी, नंदकिशोर यादव, सुनील भोई, नारायण श्रीवास, सुरेश दास मानिकपुरी, बृजभूषण सरवन, गोपाल यादव, अमित यादव सहित भोजली महोत्सव समिति बिलासपुर के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
