माता रमाबाई अंबेडकर जी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि फ़िल्म “रमाई” के कलाकार प्रेरणा धाबर्डे एवं डॉ. उदय धाबर्डे ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

 


त्याग, समर्पण, साहस और असीम धैर्य की प्रतिमूर्ति माता रमाबाई अंबेडकर जी की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। भारतीय समाज में नारी शक्ति, संघर्ष और मानवीय मूल्यों की प्रेरणास्रोत मानी जाने वाली माता रमाबाई अंबेडकर का जीवन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।








इसी अवसर पर चर्चित फ़िल्म “रमाई” में माता रमाई एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भूमिका को जीवंत रूप से निभाने वाले कलाकार प्रेरणा धाबर्डे एवं डॉ. उदय धाबर्डे ने माता रमाबाई अंबेडकर जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों कलाकारों ने कहा कि माता रमाई का त्याग, संघर्ष और समर्पण भारतीय समाज के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।


उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महान संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन के पीछे माता रमाबाई का अद्भुत धैर्य, सहयोग और त्याग छिपा हुआ था। अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने बाबा साहेब को शिक्षा और समाज सुधार के महान कार्यों के लिए निरंतर प्रेरित किया। माता रमाई ने केवल एक पत्नी का ही नहीं बल्कि एक सच्चे संघर्ष साथी का दायित्व निभाया, जिसकी बदौलत बाबा साहेब अपने मिशन को आगे बढ़ा सके।


फ़िल्म “रमाई” में माता रमाबाई अंबेडकर के जीवन संघर्ष, त्याग और संवेदनशीलता को बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। प्रेरणा धाबर्डे ने माता रमाई की भूमिका को अत्यंत भावनात्मक और जीवंत रूप में निभाया, वहीं डॉ. उदय धाबर्डे ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व और संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारा। इस फ़िल्म को समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा सराहा गया और इसे सामाजिक चेतना एवं प्रेरणा देने वाली महत्वपूर्ण प्रस्तुति माना गया।


श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान दोनों कलाकारों ने कहा कि आज के समय में समाज को माता रमाबाई अंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, विश्वास और समर्पण के साथ समाज एवं परिवार के लिए कार्य किया जा सकता है।


उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब एवं माता रमाबाई के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा, समानता और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ें। माता रमाबाई अंबेडकर का संपूर्ण जीवन महिलाओं के सम्मान, त्याग और सशक्तिकरण का अद्भुत उदाहरण है, जिसे सदैव स्मरण किया जाएगा।


इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने माता रमाबाई अंबेडकर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनात्मक स्मृतियों से ओतप्रोत रहा।