*पुरुषोत्तम मास में वृन्दावन धाम में गूंज रही श्रीमद्भागवत कथा की अमृतधारा* *आचार्य झम्मन शास्त्री के सानिध्य में भव्य भक्ति महोत्सव का शुभारंभ, छत्तीसगढ़ सहित भाटापारा के श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय सहभागिता*
वृन्दावन।
सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी माने जाने वाले पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना हेतु धर्मनगरी वृन्दावन में भव्य “श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं भक्ति महोत्सव” का दिव्य आयोजन किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली वृन्दावन धाम इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आ रहा है। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
इस पावन आयोजन का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ अत्यंत धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। सैकड़ों श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भगवान के जयकारों के साथ नगर भ्रमण किया। “राधे-राधे”, “जय श्रीकृष्ण” और “हरि बोल” के उद्घोष से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया गया।
भक्ति महोत्सव में व्याख्यान दिवाकर एवं छत्तीसगढ़ के गौरव माने जाने वाले सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य झम्मन शास्त्री अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और मानव जीवन के मूल्यों का संदेश दे रहे हैं। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस मास में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण, जप, तप, दान और सेवा का विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन और पूर्ण श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करता है, उसके जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं और उसे आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
आचार्य झम्मन शास्त्री ने कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्त प्रहलाद, ध्रुव चरित्र, गोवर्धन लीला और भक्ति के महत्व का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति रस में डूबते नजर आए। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और संकीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो रहा है।
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृन्दावन पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से भाटापारा क्षेत्र की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिल रही है। श्रद्धालुओं में आयोजन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। धार्मिक यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु न केवल कथा श्रवण कर रहे हैं, बल्कि वृन्दावन धाम के विभिन्न मंदिरों में दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति भी प्राप्त कर रहे हैं।
आयोजन समिति में प्रमुख रूप से लता शर्मा, चन्द्रकांता शर्मा, अखिलेश शर्मा, तारिणी शर्मा, अरविंद शर्मा, धनेश्वरी शर्मा सहित अन्य धर्मप्रेमी जन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आयोजनकर्ताओं ने समस्त श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि पुरुषोत्तम मास में आयोजित इस भक्ति महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्रीहरि की कृपा प्राप्त करें तथा अपने जीवन को धर्म और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों की अत्यंत आवश्यकता है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, प्रेम, भाईचारा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं। वृन्दावन धाम में आयोजित यह श्रीमद्भागवत सप्ताह न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने का एक पावन माध्यम भी बन रहा है।
भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में आयोजित यह महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हो रहे हैं तथा धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं।



