TGB मीडिया प्रभारी संभागीय – जोगा (जय) मण्डावी सुकमा कांग्रेस का प्रशासन पर हमला: नक्सल उन्मूलन, पंचायत बजट और वनोपज खरीदी पर उठाए गंभीर सवाल

 सुकमा कांग्रेस का प्रशासन पर हमला: नक्सल उन्मूलन, पंचायत बजट और वनोपज खरीदी पर उठाए गंभीर सवाल

TGB MEDIA | बस्तर संभाग, सुकमा (छत्तीसगढ़)

सुकमा। जिला कांग्रेस कमेटी सुकमा ने आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर शासन-प्रशासन के समक्ष कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रस्तावित सुकमा दौरे, जिसमें “स्वस्थ बस्तर अभियान” एवं “अटल आरोग्य लैब” का शुभारंभ तथा विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन शामिल है, पर स्वागत और बधाई भी दी गई।










हालांकि, कांग्रेस ने इस मौके पर क्षेत्र से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी एवं अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार लगातार नक्सलवाद के समाप्ति की ओर होने का दावा कर रही है। ऐसे में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के मामलों में सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लिया जाना चाहिए। साथ ही, फर्जी नक्सल मामलों में वर्षों से जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की निःशर्त एवं शीघ्र रिहाई की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।

कांग्रेस ने पंचायतों के विकास को लेकर भी सरकार को घेरा। बताया गया कि नक्सल मुक्त जिला घोषित होने के बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत को 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक यह राशि पंचायतों तक नहीं पहुंची है। पार्टी ने प्रशासन से शीघ्र बजट आवंटन सुनिश्चित करने की मांग की।

वनोपज आधारित आजीविका के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। ज्ञापन में मांग की गई कि खरीदी लक्ष्य पूरा होने के बाद वनोपज के क्रय-विक्रय का अधिकार ग्राम पंचायतों को दिया जाए। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की कमी को देखते हुए पारदर्शी नगद भुगतान व्यवस्था लागू करने की भी मांग रखी गई।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान घोषित 326 करोड़ रुपये के कार्यों में से 153 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों के लिए निर्धारित होने की जानकारी पर भी कांग्रेस ने स्पष्टता मांगी है।

अंत में, जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की, ताकि क्षेत्र के आम लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।