भाजपा जिला मीडिया प्रभारी नीतू सिंह क्षत्रिय हुईं भागवत कथा में शामिल, कृष्ण-रुक्मिणी विवाह झांकी ने मोहा मन
बिलासपुर (छत्तीसगढ़) | TGB Media
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित छठ घाट, तोरवा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव में आज का दिन भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा। इस पावन अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा ग्रामीण जिला बिलासपुर की जिला मीडिया प्रभारी नीतू सिंह क्षत्रिय शामिल हुईं और कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
अरपा नदी के पावन तट पर आयोजित इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कथा के दौरान प्रस्तुत कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की मनमोहक झांकी ने पूरे पंडाल को भक्तिमय वातावरण में डुबो दिया।
कृष्ण-रुक्मिणी विवाह झांकी ने जीता श्रद्धालुओं का दिल
इस विशेष प्रस्तुति में TGB Media की डायरेक्टर पुष्पा साहू ने भगवान श्रीकृष्ण का रूप धारण किया, वहीं खुशी पाण्डेय ने रुक्मिणी के रूप में भावपूर्ण अभिनय कर सभी का मन मोह लिया।
दोनों कलाकारों की सजीव प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही मंच पर विवाह की रस्में निभाई गईं, पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के जयकारों से गूंज उठा।
नीतू सिंह क्षत्रिय ने बताया आयोजन का महत्व
इस अवसर पर नीतू सिंह क्षत्रिय ने कहा:
“अरपा नदी के किनारे इस प्रकार का भव्य भागवत कथा आयोजन होना हम सभी के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। भागवत कथा हमें जीवन जीने की सही दिशा देती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को मजबूत बनाते हैं।”
कथा व्यास ने बताया विवाह प्रसंग का महत्व
कथा व्यास पं. मुरारी मोहन पाण्डेय ने अपने प्रवचन में कृष्ण-रुक्मिणी विवाह के महत्व को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग प्रेम, श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक है तथा भगवान और भक्त के बीच के संबंध को मजबूत करता है।
5 से 12 अप्रैल तक चल रहा भव्य आयोजन
यह श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव 5 अप्रैल से प्रारंभ होकर 12 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया जा रहा है। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं भी आयोजन का हिस्सा हैं।
भक्ति और संस्कृति का संगम बना आयोजन
छठ घाट, तोरवा में आयोजित यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का भी संदेश दे रहा है।
कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की भव्य झांकी ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग दिया।






