बढ़ते अपराधों में कमी दिखाने थानों में एफआईआर नहीं लिखा जा रहा - कांग्रेस | कानून व्यवस्था पर सवाल: एफआईआर दर्ज नहीं होने का कांग्रेस का आरोप
रायपुर, 06 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदेश में बढ़ते अपराधों को छिपाने के लिए थानों में एफआईआर दर्ज करने से बचा जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार बिगड़ती कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने में असफल रही है। अब स्थिति यह है कि अपराधों के आंकड़े कम दिखाने के उद्देश्य से पुलिस थानों में शिकायतों पर एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही। इससे पीड़ितों का भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है और अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चोरी, जालसाजी, मारपीट, प्रताड़ना और साइबर ठगी जैसे मामलों में भी अब एफआईआर दर्ज कराना आम लोगों के लिए कठिन होता जा रहा है। पुलिस द्वारा शिकायतें दर्ज न करने से अपराधों की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पा रही और सरकार अपने रिकॉर्ड को बेहतर दिखाने का प्रयास कर रही है।
सुशील आनंद शुक्ला ने आगे कहा कि बीते दो वर्षों में राज्य की कानून व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। लूट, हत्या, बलात्कार, चाकूबाजी और नशे की तस्करी जैसी घटनाओं से आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि अपराधों की बढ़ती घटनाओं से प्रदेश की छवि भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज करना पुलिस की अनिवार्य जिम्मेदारी है। यदि किसी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती, तो पुलिस को संबंधित व्यक्ति को न्यायालय जाने की लिखित सलाह देनी चाहिए। लेकिन वर्तमान स्थिति में, सरकार के दबाव में पुलिस फरियादियों को थाने से ही लौटा रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को आम जनता के अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है, ताकि लोगों को न्याय मिल सके और कानून व्यवस्था में भरोसा बहाल हो सके।
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