रायपुर, 24 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जांजगीर-चांपा जिले के जैजेपुर में एक व्यवसायी के घर में घुसकर गोली मारने की घटना को अत्यंत चिंताजनक और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था का गंभीर उदाहरण बताया है।
उन्होंने कहा कि इस घटना में व्यवसायी के बड़े बेटे की हत्या कर दी गई तथा छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल है। यह स्थिति दर्शाती है कि अब प्रदेश में लोग अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं। अपराधियों में कानून का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है और वे बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
बैज ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में गैंगवार और गोलीबारी की कई घटनाएं सामने आई हैं। राजधानी रायपुर में कई बार खुलेआम फायरिंग हुई, यहां तक कि सेंट्रल जेल के सामने भी गोलीबारी की घटनाएं हुईं। बाहरी राज्यों के अपराधी भी प्रदेश में आकर वारदात कर रहे हैं। बिलासपुर के मस्तूरी सहित कई क्षेत्रों में व्यवसायियों को निशाना बनाया गया है। अब स्थिति यह है कि अपराधी घर में घुसकर हत्या कर रहे हैं, जबकि गृह मंत्री राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि साय सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बनता जा रहा है। लूट, हत्या, चोरी, डकैती और बलात्कार जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हर घटना के बाद सरकार और पुलिस केवल औपचारिक बयान जारी करती है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनती।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 8 बलात्कार और हर दूसरे दिन 3 सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। राजधानी रायपुर में चाकूबाजी और हिंसक घटनाएं आम हो चुकी हैं।
दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था सरकार की लापरवाही और नेतृत्व की अक्षमता के कारण पूरी तरह चरमरा गई है। केवल राजधानी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी जिलों में अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। कमिश्नरी प्रणाली लागू करने के बावजूद कानून व्यवस्था में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि अपराधी बेखौफ हैं और आम नागरिक भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं। राजधानी की सड़कों पर असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है।
अंत में उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा? मुख्यमंत्री शासन संचालन में रुचि नहीं ले रहे हैं और गृह मंत्री अन्य राज्यों में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं, जबकि प्रदेश की जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जी रही है।
