छत्तीसगढ़ क्रांति अग्रवाल संगठन बिलासपुर महिला इकाई की पहल, प्रख्यात समाज सेविका पायल लाठ के नेतृत्व में छात्र को मिली शिक्षा सामग्री
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ क्रांति अग्रवाल संगठन, बिलासपुर महिला इकाई द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक एवं सराहनीय पहल करते हुए कक्षा 1 के एक होनहार एवं आर्थिक रूप से जरूरतमंद छात्र को शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई। यह पहल न केवल एक बच्चे की शिक्षा को संबल देने का प्रयास है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करने का कार्य करती है।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रख्यात समाज सेविका पायल लाठ द्वारा किया गया, जिनके मार्गदर्शन में संगठन लगातार समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान हेतु कार्यरत है। उनके नेतृत्व में महिला इकाई ने यह संदेश दिया कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और समाज के सक्षम वर्ग का यह दायित्व है कि वे जरूरतमंद बच्चों के भविष्य निर्माण में सहयोग करें।
इस अवसर पर छात्र को किताबें, कॉपियां, पेंसिल, कलर पेंसिल, स्टेशनरी सामग्री सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधन भेंट किए गए। सामग्री प्राप्त कर बच्चे के चेहरे पर आई खुशी ने इस पहल की सार्थकता को और भी अधिक उजागर किया।
कार्यक्रम में संगठन की अध्यक्ष पायल लाठ, सचिव स्वाति मुरारका एवं कोषाध्यक्ष पूनम अग्रवाल सहित अन्य सदस्यगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रतिभाशाली एवं जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी प्रतिभा के मार्ग में बाधा न बन सके।
जिस छात्र को यह सामग्री प्रदान की गई, वह अध्ययन में अत्यंत मेधावी है और अपनी कक्षा में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहा है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उसकी लगन और मेहनत उसे अन्य बच्चों से अलग पहचान दिलाती है। बच्चे ने अपने सपनों के बारे में बताते हुए कहा कि वह आगे चलकर एक सफल और सम्मानित व्यक्ति बनना चाहता है, जिससे वह अपने परिवार और समाज का नाम रोशन कर सके।
संगठन की इस पहल ने न केवल उस छात्र के मनोबल को बढ़ाया, बल्कि यह भी दर्शाया कि समाज के छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। इस प्रकार की गतिविधियां समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को विकसित करती हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और यह संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे ही समाजोपयोगी कार्य निरंतर किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाई जा सके।

