भाजपा सरकार दुर्भावनापूर्वक स्वामी आत्मानंद स्कूल बंद करना चाहती है – कांग्रेस

 रायपुर, 05 मार्च 2026।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही स्वामी आत्मानंद स्कूलों को बंद करने का षड्यंत्र शुरू हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में इन स्कूलों में स्टेशनरी की कमी, आवश्यक सुविधाओं का अभाव और शिक्षकों को समय पर वेतन न मिलना जैसी समस्याएं जानबूझकर उत्पन्न की जा रही हैं, ताकि संविदा शिक्षक आर्थिक संकट के कारण स्कूल छोड़ दें और सरकार को स्कूल बंद करने का बहाना मिल सके।







उन्होंने कहा कि सरकार ने विधानसभा में यह घोषणा कर दी है कि आत्मानंद स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं बंद की जाएंगी। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि आत्मानंद स्कूल गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को मुफ्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का एक मजबूत माध्यम रहे हैं। भाजपा की सोच ऐसी है कि वह नहीं चाहती कि गरीबों के बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा मिले, इसी कारण यह साजिश रची जा रही है। प्री-प्राइमरी कक्षाओं को बंद करना इसी दिशा में पहला कदम है।

वंदना राजपूत ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए संजीवनी के समान है। इन स्कूलों में बच्चों को मुफ्त अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दी जाती है, जबकि निजी स्कूलों में इसी प्रकार की शिक्षा के लिए प्रति बच्चा औसतन 8 से 9 हजार रुपये मासिक खर्च करना पड़ता है, जो आम परिवारों की क्षमता से बाहर है। आत्मानंद स्कूलों के माध्यम से गरीब परिवार भी अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला पा रहे हैं और बच्चे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे स्कूलों को बंद करना सीधे तौर पर जनता के साथ अन्याय है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देशभर में सरकारी स्कूलों को बंद करने की नीति पर काम कर रही है। प्रदेश में हजारों शासकीय स्कूल बंद किए जा चुके हैं और देशभर में भी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों को कमजोर कर वैकल्पिक संस्थाओं को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, और आत्मानंद स्कूल इस नीति में बाधक बन रहे हैं, इसलिए इन्हें निशाना बनाया जा रहा है।