बांध और जलाशयों में पर्याप्त पानी के बावजूद सरकार की लापरवाही से गहराया पेयजल संकट गर्मी शुरू होते ही पानी के लिए हाहाकार, शहर से लेकर गांव तक स्वच्छ पेयजल नहीं पहुंच पा रहा

 रायपुर, 05 अप्रैल 2026।

प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की अकर्मण्यता के कारण गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में पेयजल संकट गहराने लगा है और लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।








उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए "टैंकर मुक्त" प्रदेश के दावे पूरी तरह झूठे साबित हुए हैं। कई मोहल्लों में लोग सुबह से शाम तक टैंकर का इंतजार करते रह जाते हैं। हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य वर्ष 2024 तक निर्धारित किया गया था, जिसमें पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका था।

लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद योजनाओं को दुर्भावनावश रोक दिया गया। पहले से स्वीकृत कई निविदाओं को निरस्त कर अपने चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। कई जिलों में कार्य पूरी तरह ठप है और अब लक्ष्य को बढ़ाकर 2028 कर दिया गया है। परिणामस्वरूप, आज जनता फिर से टैंकरों पर निर्भर होने को मजबूर है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि यदि पिछले ढाई वर्षों में ईमानदारी से कार्य किया गया होता, तो आज हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा होता। सरकार की प्राथमिकता जनता को राहत देना नहीं, बल्कि टैंकरों के माध्यम से कमीशनखोरी करना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर बिना जल स्रोत के ही केवल पानी की टंकियां बना दी गईं और पाइपलाइन बिछा दी गई, जिससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश बड़े बांध और जलाशय आज भी भरे हुए हैं, पानी की कोई कमी नहीं है, लेकिन सरकार की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई नल-जल योजनाओं का रखरखाव तक वर्तमान सरकार नहीं कर पा रही है। छोटे-छोटे मेंटेनेंस कार्य, जैसे वाल्व लीकेज ठीक करना, बोरवेल में अतिरिक्त पाइप डालना, मोटर सुधारना और बिजली उपलब्ध कराना—इन सभी में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

इन कारणों से कई गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित है और जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की बदनीयती के चलते जनता की स्वच्छ पेयजल पाने की उम्मीद अब टूटने लगी है। डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ की जनता दोहरी मार झेल रही है।