रायगढ़ के प्रवासी बंधुआ मजदूर परिवार को तेलंगाना के ईंट भट्ठे से मिली मुक्ति

 रायगढ़ जिले के छत्तीसगढ़िया प्रवासी मजदूर परिवार को तेलंगाना के यदाद्रि भुवनगिरी स्थित एक ईंट भट्ठे से बंधुआ मजदूरी के चंगुल से सफलतापूर्वक मुक्त कराया गया है।













प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोक सिरजनहार यूनियन (LSU) के अध्यक्ष श्री लखन सुबोध को एक पत्र के माध्यम से इस गंभीर घटना की सूचना दी गई थी। पत्र में बताया गया था कि संबंधित परिवार को भट्ठा मालिक द्वारा जबरन बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी, साथ ही उनके साथ मारपीट, सोना-चांदी एवं मोबाइल की लूट जैसी अमानवीय घटनाएं भी हुईं। पीड़ित परिवार ने स्वयं को इस बंधन से मुक्त कराने हेतु LSU से सहायता की गुहार लगाई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए LSU ने तत्काल शासन-प्रशासन को अवगत कराया। प्रारंभिक स्तर पर रायगढ़ प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं किए जाने पर LSU के महासचिव वीरेंद्र भारद्वाज ने स्वयं संज्ञान लेते हुए सहयोगी संस्था Migrant Assistance and Information Network (MAIN), दिल्ली की बबीता विशनरिया को जानकारी दी।

सूचना मिलते ही तेलंगाना में सक्रिय टीम—राजेश्वरी, सुरेंद्र, एडवोकेट वेंकटेश्वर एवं फादर मार्टिन—ने तत्काल पहल करते हुए रेस्क्यू टीम का गठन किया। श्रम विभाग, पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप उक्त परिवार को सुरक्षित रूप से ईंट भट्ठे से मुक्त कराया गया। बाद में उन्हें सरकारी आश्रय केंद्र में रखा गया, जहां उनके बयान दर्ज किए गए।

दिनांक 11 अप्रैल 2026 को इस परिवार को सुरक्षित रूप से उनके गृह राज्य छत्तीसगढ़ भेज दिया गया।

रेस्क्यू के दौरान बाल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक छोटे बच्चे को अस्थायी रूप से बाल आश्रम में रखा गया था। LSU एवं MAIN द्वारा लगातार प्रयास, संवाद और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद अंततः दिनांक 21 अप्रैल 2026 को उस बच्चे को उसकी मां को सौंप दिया गया। इससे अब पूरा परिवार पुनः एक साथ रह रहा है।

LSU ने अपील की है कि भारत के किसी भी हिस्से में यदि प्रवासी मजदूरों के साथ बंधुआ मजदूरी या अन्य प्रकार का शोषण हो रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल संगठन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

दिनांक: 22.04.2026

संलग्न: संबंधित फोटोग्राफ एवं 

जारीकर्ता:

भानू चतुर्वेदी

केंद्रीय कार्यकारिणी, LSU